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फतहसागर किनारे यूआईटी की बड़ी कार्रवाई : बेशकीमती जमीन ली कब्जे में

उदयपुर(एआर लाइव न्यूज)। यूआईटी ने सोमवार को फतहसागर किनारे राजीव गांधी पार्क के पास बड़ी कार्रवाई करते हुए बेशकीमती जमीन कब्जा मुक्त करवा ली। यूआईटी ने यहां अपने स्वामित्व के बोर्ड भी लगा दिए है।
राजस्व ग्राम हवालाखुर्द के आराजी संख्या 1183, 1184 व इससे सटी यूआईटी स्वामित्व की जमीन पर मोड़ा भील ने कब्जा कर अतिक्रमण कर दिया था। यूआईटी ने यहां पूर्व में भी कब्जा हटाया था, तब तत्कालीन सचिव रामनिवास मेहता ने सख्ती भी की, लेकिन कब्जेधारी मोडा भील ने ग्राम न्यायालय एवं राजस्थान हाईकोर्ट में वाद दायर कर स्टे ले लिया। हाईकोर्ट ने कुछ समय पहले स्टे खारिज कर दिया था, लेकिन ग्राम न्यायालय में मामला विचाराधीन होने से यूआईटी कार्रवाई नहीं कर पा रही थी।

ग्राम न्यायालय से स्टे हटते ही चला दिया बुलडोजर

इस मामले में 28 मई को ही ग्राम न्यायालय में स्टे खारिज हुआ था। सोमवार को सचिव बालमुकुंद असावा के निर्देश पर यूआईटी टीम ने मौके पर बने कमरे, पत्थर की कोट, फाटक को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया। इस जमीन पर यूआईटी स्वामित्व के बोर्ड भी लगा दिए गए है। दरअसल इस जमीन पर भूमाफियों की नजर थी और भविष्य में इसका व्यवसायिक उपयोग करने की साजिश भी झलक रही थी, लेकिन यूआईटी की सख्ती से झील किनारें स्थित यह करोड़ों की सरकारी जमीन आज कब्जा मुक्त हो पायी।

फुट ओवर ब्रिज बनाकर राजीव गांधी पार्क से जोड़ सकते यह जमीन

दरअसल जिस जमीन को आज कब्जा मुक्त करवाया है वह राजीव गांधी पार्क के ठीक पास में है और रानी रोड के किनारे स्थित है। ऐसे में इस जमीन को फुट ओवर ब्रिज बनाकर राजीव गांधी पार्क से जोड़ा जा सकता है। छोटी पहाड़ी नुमा इस स्थान पर पौध रोपण कर लोगों के बैठने की बैंच आदि लगाकर इसे भी पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है।

नेला गांव में भी हटाया अतिक्रमण

यूआईटी ने राजस्व ग्राम नेला के आराजी संख्या 2257 यूआईटी की जमीन एवं अनुमोदित 60 फिट चौड़ी सडक़ सीमा में राजमल मीणा द्वारा बनाए कमरे, कच्ची कोट को भी ध्वस्त कर दिया गया। यह मामला भी ग्राम न्यायालय में विचाराधीन था और 27 मई को ही स्टे खारिज हुआ था।

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