राज्यसभा चुनाव की वोटिंग से पहले कांग्रेस में असंतोष
उदयपुर(एआर लाइव न्यूज)। रणदीप सुरजेवाला, मुकुल वासनिक और प्रमोद तिवारी को राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी घोषित करते ही कांग्रेस में असंतोष की आग तेज हो गई है।
कई नेता और कार्यकर्ता कांग्रेस नेतृत्व के इस निर्णय पर सवाल उठाते नजर आ रहे है। कांग्रेस के कुछ नेता सोशल मीडिया का सहारा लेकर अपना दर्द बयां कर रहे हैं, मेवाड़ में भी असंतोष नजर आ रहा है।
इसी बीच सोमवार को पूर्व मंत्री और सांगोद से कांग्रेस विधायक भरतसिंह कुंदनपुर ने सोमवार को सीएम अशोक गहलोत को पत्र लिखकर तीनों बाहरी लोगों को प्रत्याशी बनाने पर खुलकर तंज कसे है। भरतसिंह ने सीएम गहलोत को भेजे पत्र में लिखा है कि समाचार पत्रों में छपी खबर से जानकारी प्राप्त हुई है कि कांग्रेस पार्टी ने राज्य सभा चुनाव हेतु तीनों प्रत्याशी घोषित कर दिए है। ये तीनों प्रत्याशी प्रदेश से बाहर के हैं।
कांग्रेस पार्टी के लिए संतोष की बात है कि भाजपा ने घनश्याम तिवाड़ी को अपना प्रत्याशी बनाया है। घनश्याम तिवाडी कुछ समय तक कांग्रेस के सदस्य रहे थे। कांग्रेस के तीनों नाम वरिष्ठ नेताओं के हैं, जिसका लाभ राज्य सभा में पार्टी को अवश्य ही मिलेगा। यह भी सच्चाई है कि लोकसभा व विधानसभा चुनाव में लडऩे से बड़े नेता अब हिम्मत नहीं दिखाते हैं। वरिष्ठ नेता राज्य सभा के माध्यम से ही जिन्दा रहना चाहते है।
चुनाव जीतने के बाद लाट साहब बन जाते हैं
विधायक भरतसिंह ने यह भी लिखा है कि कांग्रेस के विधायक के नाते मेरी पीडा है कि यह नेता चुनाव जीतने के बाद “लाट साहब” बन जाते हैं। पार्टी के विधायको व कार्यकर्ता से मिलने का इनके पास न तो समय है एवं न ही चिन्तन है। हाड़ौती की यह कहावत सही है कि “बड़े घर बेटी दी है व अब मिलबा का सांसा”।।
चिंतन शिविर में तैयारी के नाम पैसा और पसीना बहाया उनको भी दरकिनार कर दिया
पिछले दिनों उदयपुर में हुए कांग्रेस के नव संकल्प चिंतन शिविर में मेवाड़ के कुछ नेताओं ने तैयारी और शिविर को सफल बनाने के नाम खुब पैसा बहाया। पार्टी जानकारों के अनुसार आदिवासी क्षेत्र के एक नेता ने तो इस चिंतन शिविर के नाम पैसा भी खूब खर्च किया। इस नेता को यह उम्मीद थी कि आगामी दिनों में होने वाले राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी प्रत्याशी बनाकर उनको मौका जरूर देगी, लेकिन रविवार को ऐसी तमाम उम्मीदों पर भी पानी फिर गया।

