उदयपुर(एआर लाइव न्यूज)। राज्यसभा चुनाव की सरगर्मियां तेज होने से पहले गहलोत सरकार ने सोमवार को सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों के हित में तबादलों से रोक हटा दी है।
प्रशासनिक एवं समन्वय विभाग की ओर से सोमवार शाम जारी आदेश में कहा गया है कि राजकीय अधिकारियों, कर्मचारियों के स्थानान्तरण पर लगाये गये पूर्ण प्रतिबंध को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। राज्य सरकार ने करीब साल भर पहले राजकीय अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों पर रोक लगाई थी। हालांकि अति आवश्यक मामलों में सक्षम स्वीकृति के बाद तबादलें किए जा रहे थे।
फिलहाल पूरानी नीति के अनुसार ही होंगे तबादलें
गहलोत सरकार नई तबादला नीति बना रही है। इसका काम अभी पूरा नहीं हो पाया है, ऐसे में अभी तबादलों से अचानक रोक हटने से जो भी तबादलें होंगे वो पुरानी तबादला नीति के अनुरूप ही हो सकेंगे।
सबसे ज्यादा इंतजार शिक्षा विभाग में था
वैसे तो सभी सरकारी विभागों में अधिकारियों,कर्मचारियों को तबादलों से रोक हटने का इंतजार था,लेकिन गहलोत सरकार के इस निर्णय का शिक्षकों को सबसे ज्यादा इंतजार था। प्रदेश में बड़ी संख्या में शिक्षक है जो साल भर से अपनी पसंद की जगह पर तबादला करवाने के लिए तबादलों पर लगी रोक हटने का इंतजार कर रहे थे।
विधायकों, सत्तारूढ पार्टी के नेताओं की बढ़ेगी अहमियत
तबादलों से रोक हटने से स्वाभिक है कि अब विधायकों के साथ ही कांग्रेस नेताओं के घर और दफ्तर में तबादलें के आवेदन लेकर आने वालें सरकारी कर्मचारियों की चहल पहल बढ़ जाएगी। आम तौर पर विधायकों या सत्तारूढ़ पार्टी के नेताओं की अनुशंषा तबादले के लिए बहुत काम आती है।

