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सच्ची शिक्षा वही जो आस्थाओं का आदर भी सिखाए : बीडी कल्ला

विद्यापीठ का दीक्षांत समारोह, 48 दीक्षार्थियों को पीएचडी और 80 को गोल्ड मेडल मिले

उदयपुर(एआर लाइव न्यूज)। शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला ने कहा है कि शिक्षा किसी भी राष्ट्र की वो मजबूत नींव है जो उस देश की उन्नति की इमारत को खड़ा करती है। शिक्षा तभी सार्थक है जब उसका उपयोग सीखने के साथ-साथ सिखाने में भी किया जाता है।
कल्ला ने शनिवार को जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ डीम्ड टू बी विश्वविद्यालय के 14वें दीक्षांत समारोह में यह बात कही। कल्ला ने नव दीक्षितों से कहा कि ज्ञान जल से भी पतला है जिसे सुभाषित वाक्यों के माध्यम से समाज को पहुंचाने का कार्य करना ही अपनी शिक्षा पूर्ण करने के वास्तविक उद्देश्यों की पूर्ति होगी। सच्ची शिक्षा वही जो आस्थाओं का आदर भी सिखाए।

कुलाधिपति ने प्रो.बलवंत राय जानी ने कहा कि समय के साथ-साथ राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय नए-नए पाठ्यक्रम और कोर्सेज विद्यार्थियों के उपलब्ध करवा रहा है। डॉ. जगदीश चन्द्र को डीलिट की मानद उपाधि दी गई। समारोह को कुल प्रमुख बीएल गुर्जर, कुलसचिव डॉ हेमशंकर दाधीच सहित गणमान्य नागरिक समारोह में मौजूद थे।

शिक्षा देश ही नहीं, विश्व की रीढ की हड्डी है : वल्लभदास स्वामी

स्वामीनारायण मंदिर लोया धाम गुजरात के संत डॉ. वल्लभदास स्वामी ने कहा कि शिक्षा देश ही नहीं, विश्व की रीढ की हड्डी है। मद्रास उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायमूर्ति एपी साही ने कहा कि भारतीय शिक्षा जीवन के दर्शन को सिखाने के साथ-साथ स्वयं को अनुशासित करने और समाज के लिए कर्तव्य पालन को पूर्ण करने के लिए प्रेरित करती है।

गोल्ड मैडल और पीएचडी में इस बार भी महिलाओं ने बाजी मारी

कुलपति कर्नल प्रो एसएस सारंगदेवोत ने बताया कि दीक्षांत समारोह में 80 गोल्ड मैडल प्रदान कि गए जिसमें से 42 गोल्ड मैडल महिलाओं और 38 पुरूष अभ्यर्थियों के नाम रहे। कुल 26 महिला और 22 पुरूष दीक्षार्थियों को पीएचडी की उपाधि मिली। वर्ष 2020, 2021 में कुल 2085 स्नातक, 885 स्नातकोत्तर और 456 डिप्लोमा धारको को डिग्रीए प्रमाण पत्र दिये गये।

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