पर्यावरण दिवस पर सीएम गहलोत करेंगे शुभारंभ
उदयपुर(एआर लाइव न्यूज)। विश्व पर्यावरण दिवस पर 5 जून से जयपुर में डोर टू डोर ई-वेस्ट (ई-कचरा) कलेक्शन सुविधा शुरू होगी।
राजस्थान सरकार के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रमुख शासन सचिव शिखर अग्रवाल ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं के बढ़ते उपयोग के साथ ई-वेस्ट का उचित डिस्पोजल होना वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता बन गई है। इस सुविधा के शुरू होने से घर, ऑफिस, दूकान या बड़े व्यवसायिक प्रतिष्ठान में लंबे समय से पड़े ई-वेस्ट यानी नकारा इलेक्ट्रानिक उपकरणों से लोगों को निजात मिल सकेगी।
प्रमुख शासन सचिव शिखर अग्रवाल ने बताया कि पर्यावरण विभाग और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मिलकर जयपुर शहर मेें घर-घर से ई कचरा संग्रहण की नई सुविधा शुरू कर रहे है। यह सुविधा 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के हाथों शुरू होगी। जयपुर में सफलता मिलने पर राजस्थान के संंभाग मुख्यालय सहित अन्य शहरो में भी चरणबद्ध रूप में यह सुविधा शुरू की जा सकती है। पर्यटन शहर होने से उदयपुर जैसे शहरों में यह काम प्राथमिकता से शुरू करने पर विचार किया जाएगा।
ई-वेस्ट के बदले पैसा भी मिलेगा
प्रमुख शासन सचिव शिखर अग्रवाल ने बताया कि जयपुर के आम नागरिक ई-वेस्ट के संग्रह के लिए टोल फ्री नंबर पर कॉल कर सकेंगे या अपना ऑर्डर निर्धारित वेबसाइट पर भेज सकेंंगे।
ई-वेस्ट संभालने वाली कंपनी का प्रतिनिधि ई-वेस्ट एकत्र करेगा और जमा की गई सामग्री के बदले पैसे देगा।
कबाड़ के रूप में पड़ा है ई-वेस्ट
कम्प्यूटर, कीबोर्ड, माउस, प्रिंटर, लैपटॉप, मोबाईल, मोबाइल चार्जर, इयरफोन, फ्रिज, एसी, वाशिंग मशीन, टीवी जैसे उपकरण जो पूरी तरह से कबाड़ हो चुके है या आंशिक रूप से खराबी आने से उपयोगी नहीं है। ऐसे उपकरण ई-वेस्ट के रूप में लाखों घरों, दफ्तरो, दूकानों में कबाड़ के रूप में पड़े है। जिनका न तो उपयोग हो रहा न वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण की व्यवस्था है। ई वेस्ट का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण आवश्यक होता है, लेकिन इसकी व्यवस्था बहुत ही कम शहरों में है। इसका पर्यावरण पर असर पढऩे के साथ ही मानव स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है।

