उदयपुर(एआर लाइव न्यूज)। प्रदूषण स्तर की जांच के लिए मैनुअल सिस्टम के साथ ही अब प्रदेश को मोबाइल वैन की सुविधा भी मिलने जा रही है। प्रमुख शासन सचिव, वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन शिखर अग्रवाल ने बताया कि प्रदूषण स्तर के बारे में डेटा एकत्र करने के लिए विभिन्न जिलों के लिए दो नई मोबाइल वैन तैयार हो चुकी है। मोबाइल वैन प्रमुख प्रदूषण पैरामीटरोंं के बारे में विश्वसनीय डेटा संग्रह करने में सक्षम है।
प्रमुख शासन सचिव शिखर अग्रवाल ने बताया कि बताया कि आगामी 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर इन मोबाइल वैन को जिलों के लिए रवाना करना प्रस्तावित है। सबसे पहले उदयपुर और कोटा संभाग के जिलों को कवर करेगी। कारण यह कि इन संभागों के जिलों में आमतौर पर मानसून की बारिश सबसे पहले शुरू होती है।
मैन्युअल सिस्टम से कही ज्यादा हाइटेक है मोबाइल वैन
उदयपुर सहित प्रदेश के कई शहरोंं में प्रदूषण की जांच के लिए मैन्युअल सिस्टम लगे हुए है उसमें 3 पैरामीटर पर ही प्रदूषण स्तर की जांच होती है, जबकि इस मोबाइल वैन में लगे सिस्टम में 15 पैरामीटर पर प्रदूषण स्तर की जांच हो सकेगी। एक खास बात यह भी है कि इस मोबाइल वैन से
हाथों हाथ डेटा ऑटोमेटिक सर्वर पर ट्रांसफर हो जाएगा। इससे समय भी बचेगा और बहुत कम समय मेंं डेटा पर स्टडी शुरू हो सकेगी।
हॉट स्पॉट का पता भी लग सकेगा
यह मोबाइल वैन विभिन्न स्थानों पर जाकर प्रदूषण स्तर की जांच करेगी। इससे यह भी पता चल सकेगा कि किसी शहर या जिले में वायु प्रदूषण के हॉट स्पॉट कौन कौन से है?। हॉट स्पॉट बनने के पिछे कारण क्या है इसका पता भी लग सकेगा। उदाहरण के तौर पर कहीं पर डस्ट ज्यादा उडऩे से प्रदूषण फैल रहा है तो यह देखा जाएगा कि वहां फुटपाथ कच्चा तो नहीं है या फिर वहां सडक़ किनारे से ज्यादा मात्रा में मिट्टी तो नहीं उड़ रही है। उस आधार पर उस क्षेत्र में वायु प्रदूषण कम करने की स्कीम तैयार हो सकेगी या फिर प्रदूषण कम करने के यथा संभव तत्काल उपाय हो सकेंगे।

