उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। उदयसागर झील किनारे मछली ठेकेदार की हरकतों और कुछ माह पहले तीन युवकों के साथ हुई मारपीट से गुस्साए ग्रामीणों ने शुक्रवार को उसके गोदाम (मछलियां रखने के टेंट) में आग लगा दी। ग्रामीणों ने सुबह उदयसागर चौराहे पर प्रदर्शन कर मछली ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और फिर ठेकेदार के टेंट में आग लगा दी।
माहौल बिगड़ने की सूचना पर संभागीय आयुक्त राजेन्द्र भट्ट, एसपी मनोज कुमार सहित अन्य आलाधिकारी मौके पर पहुंचे। ग्रामीण आदिवासियों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। आदिवासियों को खदेड़ने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और पैलेट गन से फायर करना पड़ा। पुलिस ने ग्रामीणों को खदेड़कर माहौल शांत किया।
ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से नाराज थे ग्रामीण
कुछ माह पहले ठेकेदार राजू बन्ना उर्फ राजेन्द्र सिंह ने उदयसागर झील किनारे नहा रहे लालूराम सहित तीन ग्रामीण युवकों को मछली पकड़ने के काटे में फंसाकर जबरन पकड़ लिया था और फिर गोदाम पर बंधक बनाकर बेरहमी से मारपीट की थी। पिछले दिनों इन युवकों को अर्धनग्न कर इनके साथ मारपीट करते हुए का एक वीडियो वायरल हुआ। ठेकेदार की हरकतों से आदिवासी ग्रामीण परेशान थे, जब यह वीडियो वायरल हुआ तो ठेकेदार के खिलाफ आक्रोश बढ़ गया।
लालूराम ने राजू बन्ना के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दी, लेकिन जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो शुक्रवार सुबह सैकड़ों ग्रामीण उदयसागर चौराहे पर इकट्ठे हो गए। ग्रामीणों ने राजू बन्ना के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और फिर मछली ठेकेदार राजू बन्ना के तंबू पर जाकर आग लगा दी।
प्रदर्शन होना तय था, फिर भी पुलिस ने बरती लापरवाही
आदिवासियों द्वारा 20 मई सुबह उदयसागर चौराहे पर एकत्रित होर प्रदर्शन करना तय था। इनका मैसेज भी खूब वायरल हो रहा था। सीआईडी आईबी ने भी यह इनपुट दिया था कि इतनी संख्या में आदिवासी एकत्रित होंगे तो माहौल खराब हो सकता है। इसके बावजूद स्थानीय पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। जब आदिवासी एकत्रित हुए, तब मौके पर थानाधिकारी सहित कुछ पुलिसकर्मी ही थे। जब माहौल बिगड़ गया, इसके बाद अतिरिक्त पुलिस जाब्ता बुलाया गया और उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचे।

