चंडीगढ़,(एआर लाइव न्यूज)। सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू को 33 साल पुराने रोड रोज के एक केस में 1 साल कैद की सजा सुनाई है। पीड़ित परिवार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में समीक्षा याचिका दायर की गयी थी, जिस पर आज सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है।
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने सिद्धू को 1000 रूपए जुर्माना लगाकर रिहा कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर पीड़ित परिवार ने सुप्रीम कोर्ट में समीक्षा याचिका दायर की थी और कहा था कि सिद्धू की सजा को कम नहीं किया जाना चाहिए।
मामला 27 दिसंबर 1988 का है, जब नवजोत सिद्धू की पटियाला में पार्किंग की जगह को लेकर गुरनाम सिंह नाम के व्यक्ति से कहासुनी हो गयी थी और सिद्धू ने गुरनाम सिंह के सिर पर वार किया था, जिससे उसकी मौत हो गयी थी। जब यह घटनाक्रम हुआ सिद्धू का दोस्त भी मौजूद था। पटियाला के सत्र न्यायालय ने 22 सितंबर 1999 को सिद्धू और उनके सहयोगी को मामले में सबूतों के अभाव और संदेह का लाभ देने के कारण बरी कर दिया था।
इसके बाद पीड़ित परिवारों ने इसे पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के समक्ष चुनौती दी थी, जिसने 2006 में सिद्धू को दोषी ठहराया और तीन साल कैद की सजा सुनाई थी। सिद्धू ने हाईकोर्ट के इस आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की।
सुप्रीम कोर्ट ने तीन दशक पुराने घटनाक्रम और अन्य कारणों को ध्यान में रखते हुए सिद्धू पर जुर्माना लगाया था और उन्हें रिहा कर दिया था। इस पर पीड़ित परिवार ने सुप्रीम कोर्ट में समीक्षा याचिका दायर की थी।

