उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। नगर निगम को नंदीशाला(गौशाला) के लिए गिर्वा क्षेत्र के चौकड़िया गांव में जमीन आवंटन होने के बाद मौके पर नंदीशाला विकसित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। गुरुवार को मेयर जीएस टांक और गौशाला प्रबंधन समिति अध्यक्ष भंवर सिंह देवड़ा चौकडिय़ा गांव पहुंचे।
यहां प्रभारी अधिकारी एवं काइन हाउस प्रभारी डॉ. ललित जोशी ने मौका स्थिति की जानकारी दी। वर्तमान में यहां मुटाम लगाने का काम हुआ है। मेयर टांक ने प्रभारी अधिकारी जोशी और निगम अभियंता आदित्य आमेटा को समय रहते नंदीशाला का काम पूरा करने के निर्देेश दिए। डिप्टी मेयर पारस सिंघवी ने बताया कि यहां करीब 500 पशुओं को एक साथ रखा जा सकेगा। टीन शेड सहित अन्य सुविधाएं भी विकसीत की जाएगी।
25 हैक्टेयर जमीन मिली है निगम को
निगम आयुक्त हिम्मतसिंह बारहठ ने बताया कि नंदीशाला के लिए राज्य सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन ने निगम को चौकड़िया में आराजी नंबर 836 मी.रकबा 72.5550 हेक्टेयर किस्म चारागाह में से 25.00 हेक्टेयर भूमि की चारागाह किस्म खारीज कर नगर निगम को 9000 रूपए प्रति वर्ष लीज रेंट पर 30 साल के लिए आवंटित की गई है। प्रशासन ने चारागाह की क्षतिपूर्ति के लिए ग्राम पाडुणा की आराजी नम्बर 366 रकबा 64.1200 हेक्टेयर में से 25.00 हेक्टेयर भूमि बिलानाम से चारागाह घोषित की है।
लावारिस पशुओं की समस्या का हो सकेगा समाधान
नंदीशाला बनने से शहर की सड़कों पर घुमने वाले लावारिस पशुओं को ले जाकर वहां छोड़ा जाएगा। इससे शहर की इस समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा। मौजूदा व्यवस्था अनुसार शहर की सड़कों पर घुमने वाले लावारिस पशुओं को पकड़ कर तितरड़ी स्थित निगम के काइन हाउस में छोड़ा जाता है, लेकिन कई बार वहां पशुओं की संख्या ज्यादा होने से उनको एक साथ रखना मुश्किल हो जाता है। उस स्थिति में निगम चाहते हुए भी शहर में घुमने वाले लावारिस पशुओं को पकड़ कर काइन हाउस नहीं ले जा पाता। ऐसे में नंदीशाला बनने से ऐसी समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा।

