चिंतन शिविर के ठीक बाद मेवाड़ से उठी असंतोष की आग
उदयपुर(एआर लाइव न्यूज)। यूथ कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष एवं डूंगरपुर विधायक गणेश घोगरा ने बुधवार शाम सीएम अशोक गहलोत को पत्र भेजकर विधायक पद से इस्तीफे की पेशकश की है। घोगरा के इस कदम से चिंतन शिविर से ठीक बाद मेवाड़ और प्रदेश की राजनीति में हलचल मच गई है।
घोगरा ने सीएम गहलोत को पत्र लिखकर बताया है कि मैं डूंगरपुर का विधायक हुं और मुझे कांग्रेस आलाकमान ने प्रदेश अध्यक्ष बनाकर युथ कांग्रेस की जिम्मेदारी भी सौंपी, लेकिन खेद के साथ बताना पड़ रहा है कि मैं सत्तारूढ़ पार्टी का विधायक हुं, लेकिन मुझे ऐसा प्रतीत होता है कि पद पर होने के बावजूद राजस्थान सरकार द्वारा मेरी बात को अनदेखा किया जा रहा है। स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी भी मेरी बात को सुनने को तैयार नहीं है।
घोगरा ने सीएम को बताया है कि विधानसभा क्षेत्र की जनता की समस्याओं की आवाज उठाने पर भी मेरी आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। इन बातों को ध्यान में रखते हुए मैं विधायक पद से अपना त्याग पत्र आपको भेज रहा हुं। घोगरा ने राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी, प्रदेश प्रभारी अजय माकन, प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, विधानसभा अध्यक्ष डॉ.सीपी जोशी व डूंगरपुर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष दिनेश खोडनियां को भी इस पत्र की कॉपी भेजी है। सीएम को इस्तीफा भेजने वाले विधायक घोगरा ने पत्रकार वार्ता कर स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों पर कई सवाल उठाए। विधायक घोघरा ने सरकार से जिला कलेक्टर, एसपी, एडीएम और एसडीएम को हटाने की मांग भी की।
एक दिन पहले ही एसडीएम व कर्मचारियों को पंचायत में कर दिया था बंद
एक दिन पहले ही विधायक घोघरा और स्थानीय कार्यकर्ताओं ने एसडीएम सहित 20 से अधिक कर्मचारियों को सुरपुर पंचायत भवन में बंधक बना लिया था। इस मामले में बुधवार को विधायक सहित 50 लोगों के खिलाफ राजकार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज हो गया। पुलिस में दर्ज रिपोर्ट में बताया गया है कि मंगलवार को प्रशासन गांवों के संग अभियान का शिविर चल रहा था। इस बीच विधायक गणेश घोघरा सहित 50 से अधिक लोग शिविर स्थल पर पहुंचे। विधायक घोगरा ने गैर कानूनी तरीके से लोगों को पट्टे देने का अधिकारियों पर दबाव बनाया। उनको ऐसा करने से मना किया गया तो विधायक के साथ आए लोगों ने एसडीएम और सभी सरकारी विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को पंचायत भवन में बंद कर दिया।
संगठन मजबूती के लिए चिंतन हुआ उसी मेवाड़ से असंतोष की मशाल जल गई !
जिस मेवाड़ में पूरी पार्टी ने तीन दिन तक संगठन को मजबूत बनाने नव संकल्प चिंतन शिविर के तहत गहन चिंतन किया। इसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी,पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित 430 कांग्रेस नेता शामिल हुए थे। इस शिविर को खत्म हुए तीन दिन ही नहीं बीते कि डूंगरपुर विधायक ने पद से इस्तीफा देने की पेशकश तक कर डाली। इससे चिंतन शिविर के सफल परिणाम पर भी अभी से सवाल खड़े हो रहे है। खास बात यह भी है कि चिंतन शिविर में संगठन में हर स्तर पर युवाओं को खास तवज्जों देने का निर्णय लिया गया उसी युवा टीम के प्रदेशाध्यक्ष गणेश घोगरा ने ही असंतोष की मशाल जलाकर इतना बड़ा निर्णय कर लिया। ऐसे में आखिरकार कांग्रेस की युवा टीम कैसे मजबूत होगी यह भी एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।

