उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। सिंघानिया लॉ कॉलेज में काल्पनिक तथ्यों पर आधारित दहेज हत्या के आपराधिक प्रकरण पर मूट कोर्ट का आयोजन किया गया। जिसमें संदेह का लाभ देकर दहेज हत्या के आरोपी को बरी करने का फैसला सुनाया गया।
काल्पनिक तथ्यों पर आधारित प्रकरण में 31 दिसंबर 2021 की रात मृतका किचन में जाकर जैसे ही लाइट ऑन करती है, जोरदार धमाका होता है। गैस रिसाव के कारण आग लग जाती है। इसके बाद ससुराल वाले जलती हुई मृतका पर पेट्रोल डाल कर उसे जला देते हैं। मूट कोर्ट में आरोपियों पर आईपीसी की धारा 304-बी, 120 बी, 302, 201/34 के तहत आरोप तय किए गए।
अभियोजन पक्ष आरोप को संदेह से परे साबित नहीं कर सका
अभियोजन पक्ष के तर्क में कहा कि मृतका के ससुराल वाले आये दिन मृतका को दहेज के लिये परेशान करते थे तथा मारपीट भी किया करते थे। अभियोजन पक्ष ने अपने पक्ष में गवाह पेश किये। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप को संदेह से परे साबित नहीं कर सका। इस पर मूट कोर्ट ने निर्णय पारित किया कि अभियोजन पक्ष मामले को संदेह के परे साबित नहीं कर सका, मृतका के मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान भी नहीं हो सके थे। सभी आरोपियों को आरोप मुक्त किया गया।
संस्था के प्राचार्य डॉ. भूपेन्द्र कुमावत ने बताया कि मूट कोर्ट में सेशन न्यायाधीश की भूमिका भंवर सिंह राव, लोक अभियोजक श्योराज सिंह और बचाव पक्ष के अधिवक्ता भूमिका टेलर ने निभाई। रीडर नीना शर्मा और टाईपिस्ट हेमन्त कुमार जैन, मनप्रीत सिंह, हलकारा की भूमिका रूद्र कंसारा ने अदा की।
लोक अभियोजक की ओर से साक्षीगण मृतका की माता रेखा, मृतका की पडोसी सपना, रेजीडेन्ट डॉक्टर रेखा चौहान, अन्वेक्षण अधिकारी पुलिस निरीक्षक निलेष सिंह, हवलदार मनीषा एवं नरवर सिंह तथा अधिवक्ता बचाव पक्ष की ओर से साक्षीगण में अभियुक्त के चाचा महिपाल एवं अभियुक्त के मौसा पार्थ शर्मा ने अपनी भूमिका अदा की।

