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नव संकल्प चिंतन शिविर: सोनिया ने पहले विरोधियों पर निशाना साधा, फिर अपनों को दे डाली नसीहत

तीन दिवसीय शिविर का हुआ विधिवत शुभारंभ

उदयपुर(एआर लाइव न्यूज)। कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शुक्रवार को उदयपुर में कांग्रेस के तीन दिवसीय नव संकल्प चिंतन शिविर की शुरूआत की। उद्धाटन सत्र में सोनिया ने विरोधियों पर निशाना साधने के साथ-साथ अपनी पार्टी के लोगों को बातों ही बातों में नसीहत भी दे डाली। उन्होंने नसीहत देते हुए कहा कि कि पार्टी ने हम सभी को बहुत कुछ दिया है, अब समय है कर्ज उतारने का। शिविर में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सहित करीब 430 कांग्रेसजन भाग ले रहे हैं।

सोनिया गांधी ने मोदी सरकार पर जुबानी हमला बोलते हुए कहा कि सरकार देश में पूरी तरह से ध्रुवीकरण कर चुनाव जीतना चाहती है। सोनिया ने सवाल उठाया कि केंद्र सरकार मिनिमम गवर्नमेंट मैक्सिमम गवर्नेंस से क्या साबित करना चाहती है?। देश में लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है। सरकार जवाहरलाल नेहरू के देश के प्रति योगदान को भुला रही है। महात्मा गांधी के हत्यारों को ग्लोरीफाई किया जा रहा है। मोदी सरकार सीबीआई व अन्य संस्थानों का दुरुपयोग कर रही है। बीजेपी ने देशवासियों को भय के माहौल में जीने पर मजबूर कर दिया है। देश में एक खास वर्ग को निशाना बनाया रहा है। कमजोर वर्गों पर हिंसक घटनाएं जारी हैं। देश की जनता तो शांति और भाईचारे से रहना चाहती है।

देश के सार्वजनिक उपक्रम बेचे जा रहे हैं, महंगाई बढ़ती जा रही है

सोनिया गांधी ने नोटबंदी के दुष्प्रभावों का भी जिक्र किया और कहा कि नोटबंदी के बाद से ही देश की अर्थव्यवस्था लगातार गिरती जा रही है। देश की आर्थिक हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। कांग्रेस पार्टी ने देश में जो सार्वजनिक उपक्रम खड़े किए थे, उन्हें बेचा जा रहा है। हमने घरेलू रसोई गैस, पेट्रेल डीजल के दामों को नियंत्रित किया था, लेकिन आप देख रहे हैं कि महंगाई बढ़ती जा रही है। किसानों के खिलाफ काले कानून लाए गए, कांग्रेस ने किसानों के हक में लड़ाई लड़ी। सोनिया गांधी ने पहले अंग्रेजी में उसके बाद हिन्दी में संबोधन दिया।

हमें सुधारोंं की सख्त जरूरत है

सोनिया गांधी ने कहा कि हमें सुधारोंं की सख्त जरूरत है। असाधारण परिस्थितियों का मुकाबला
असाधारण तरीके से ही किया जा सकता है। इस बात के प्रति मैं पूरी सचेत हुं। हर संगठन को न केवल जीवित रहने के लिए बल्कि बढऩे के लिए भी समय-समय पर अपने अंदर परिवर्तन लाने होते है। रणनीति में बदलाव, सुधार और रोजाना काम करने के तरीके में परिवर्तन। एक तरह से यह सबसे बुनियादी मुद्दा है, लेकिन मैं यह भी जोर देकर कहना चाहती हुं कि हमारा पुनर्रोत्थान सिर्फ विशाल सामुहिक प्रयासों से ही हो पाएगा। यह शिविर इस दिशा में एक प्रभावशाली कदम है।

नीजि आकांक्षाओं को संगठन हितों के अधीन रखना होगा

सोनिया ने कहा कि पार्टी ने हम सभी को बहुत कुछ दिया है। अब समय है कर्ज उतारने का। हमें अपनी नीजि आकांक्षाओं को संगठन हितों के अधीन रखना होगा। मैं समझती हूं, इससे अच्छा अब और कुछ नहीं, साथियों मैं आप सबसे आग्रह करती हुं कि अपने विचार खुलकर रखे। मगर बाहर सिर्फ एक ही संदेश जाना चाहिए संगठन की मजबूती, दृढ़निश्चय और एकता का संदेश। सोनिया ने शिविर में उपस्थित कांग्रेसजन से कहा कि मैं आप सबसे आग्रह करती हूं कि अपने विचार खुलकर रखे। मगर बाहर सिर्फ एक ही संदेश जाना चाहिए संगठन की मजबूती, दृढ़निश्चय और एकता का संदेश।

हाल में मिली नाकामयाबियों से हम बैखबर नहीं है

सोनिया ने कहा कि हाल में मिली नाकामयाबियों से हम बैखबर नहीं हैं। ना ही हम बैखबर हैं उस संघर्ष से या उस संघर्ष की कठिनाईयों से जिसे हमें जितना है। लोगों की हमसे जो उम्मीदें हैं उनसे हमअनजान नहीं हैं। व्यक्तिगत और सामुहिक रूप से यह प्रण लेने के लिए हम एकत्र हुए हैं। हम देश की राजनीति में अपनी पार्टी को फिर से उसी भूमिका में लाएंगे जो भूमिका पार्टी ने सदैव निभायी है।

हमारी कमजोरी है कि काम तो करते हैं, लेकिन मार्केटिंग नहीं कर पाते : गहलोत

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि देश 70 साल में कहां से कहां पहुंच गया। हम काम करते हैं, लेकिन मार्केटिंग नहीं करते। दूसरी तरफ झूठे, फरेबी लोग हैं, काम कम करते हैं, मार्केटिंग ज्यादा करते हैं। कभी गुजरात मॉडल की बात करते हैं। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भी संबोधित किया।

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