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157 साल पुराने राजद्रोह के कानून पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

supreme court puts on hold sedition law ipc section 124A

नई दिल्ली,(एआर लाइव न्यूज)। देश में अंग्रेजों के जमाने से चले आ रहे 157 साल पुराने राजद्रोह कानून पर बुधवार को फैसला देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। कोर्ट ने आदेश में कहा है कि जब तक आईपीसी की धारा 124-ए का री-एग्जामिन प्रोसेस पूरा नहीं हो जाता, तब तक इसके तहत कोई नया केस दर्ज नहीं होगा। सीजेआई एनवी रमना, जस्टिस सूर्यकांत त्रिपाठी और जस्टिस हिमा कोहली की बेंच ने यह भी आदेश दिया है।

आदेश के अनुसार आईपीसी की धारा 124-ए के तहत नए केस दर्ज नहीं होंगे, जो केस दर्ज हो चुके हैं, उनमें कार्रवाई पर रोक रहेगी और इसके तहत देश की जेलों में बंद आरोपी जमानत के लिए अपील कर सकते हैं।

केंद्र सरकार ने बुधवार को आईपीसी की धारा 124-ए को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जवाब दायर किया। इसके बाद कोर्ट ने केंद्र को इस कानून के प्रावधानों पर फिर से विचार करने की अनुमति दे दी।
गौरतलब है कि कपिल सिब्बल ने कोर्ट में जानकारी दी है कि राजद्रोह कानून के तहत देशभर की जेलों में 13 हजार लोग आज तक बंद हैं।

यदि नया केस दर्ज किया तो क्या होगा

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में यह भी कहा है कि इस धारा के तहत यदि कोई नया केस दर्ज किया जाता है, तो पीड़ित पक्ष कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकता है। निचली अदालतों से भी अपील है कि वे पारित आदेश को ध्यान में रखते हुए मांगी गई राहत की जांच करें।

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