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एक जैसी पात्रता वाली प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अब समान पात्रता परीक्षा

- गहलोत मंत्रिमंडल का बड़ा निर्णय
- पुरानी पेंशन योजना के क्रियान्वयन के लिए नियमों में संशोधन को भी मंजूरी
जयपुर(एआर लाइव न्यूज)। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास पर राज्य मंत्रिमंडल एवं मंत्रिपरिषद की बैठक में कई निर्णय लिए गए।

मंत्रिमंडल ने निणर्य किया कि प्रदेश में भर्ती प्रक्रिया को सरल, समयबद्ध एवं एकीकृत किये जाने की दृष्टि से एक जैसी पात्रता वाली विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे ग्राम विकास अधिकारी, पटवारी, मंत्रालयिक कमर्चारी इत्यादि) के स्थान पर अब समान पात्रता परीक्षा आयोजित होगी। इसके लिए राजस्थान अधीनस्थ एवं मंत्रालयिक सेवा (समान पात्रता परीक्षा) नियम, 2022 बनाया जाना है।

समान पात्रता परीक्षा से अब अभ्याथिर्यों को विभिन्न पदों की भर्ती के लिए बार-बार आवेदन करने, परीक्षा में शामिल होने, आवेदन शुल्क एवं यात्रा में व्यय करने से निजात मिलेगी। भर्ती एजेंसियों द्वारा कई बार परीक्षा लेने में लगने वाले समय, व्यय एवं श्रम से राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री  अशोक गहलोत द्वारा बजट 2021-22 में इस संबंध में यह घोषणा की गई थी। 

सीधी भर्ती  में साक्षात्कार का प्रावधान हटाया

बैठक में ऐसे पद जिनकी कार्य प्रकृति एवं भूमिका के कारण चयन प्रक्रिया में साक्षात्कार आवश्यक नहीं समझा गया है, उनमें साक्षात्कार के प्रावधान को हटाने एवं ऐसे पद जिनमें संवाद कौशल की आवश्यकता है उनमें भारांक कुल अंकों का अधिकतम 10 प्रतिशत निधार्रित करने के लिए संशोधन का निणर्य किया गया। साथ ही राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा सीधी भर्ती के जरिए भरे जाने वाले जिन पदों के लिए साक्षात्कार का प्रावधान है, उन पदों में राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं (संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा द्वारा सीधी भर्ती) नियम 1999 (आरएएस भतीर्) एवं कुछ विशिष्ट सेवा नियमों को छोड़कर अन्य सभी सेवा नियमों में साक्षात्कार का प्रावधान हटाने का निणर्य लिया गया है। 

पुरानी पेंशन को लेकर यह हुआ तय

बैठक में एक जनवरी, 2004 और इसके पश्चात नियुक्त हुए समस्त राजकीय कामिर्कों के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) लागू करने की बजट घोषणा के क्रियान्वयन हेतु नियमों में आवश्यक संशोधनों को मंजूरी मिली।

इसकी क्रियान्विति के क्रम में राजस्थान सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1996, राजस्थान सिविल सेवा (अंशदायी पेंशन) नियम, 2005, विभिन्न पुनरीक्षित वेतनमान नियमों एवं राजस्थान सिविल सेवा (चिकित्सा परिचयार्) नियम, 2013 में विभिन्न संशोधनों के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई है। इस निणर्य से 1 जनवरी, 2004 एवं उसके पश्चात नियुक्त हुए राजकीय कमर्चारी अपनी सेवानिवृत्ति पर पेंशन परिलाभों के पात्र होंगे। साथ ही राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना के अंतगर्त कैशलेस चिकित्सा सुविधा भी प्राप्त कर सकेंगे। 31 मार्च, 2022 से पूर्व जो अपनी सेवा से एग्जिट हो गए हैं, उन्हें भी उक्त नियमानुसार पेंशनरी परिलाभ अप्रेल, 2022 से देय होंगे। 

प्रदेश के लिए ये निर्णय भी हुए

बीआरटीएफ को सड़क निमार्ण के लिए 375.10 बीघा भूमि निःशुल्क आवंटन करने,पैराओलम्पिक खेलों में पदक विजेताओं को इंदिरा गांधी नहर परियोजना में निःशुल्क 25 बीघा भूमि आवंटन करने का बड़ा निणर्य किया है। इसमें राजस्थान के निवासी पैरालम्पिक पदक विजेताओं को भी इंदिरा गांधी नहर परियोजना क्षेत्र में निःशुल्क 25 बीघा भूमि का आवंटन हो सकेगा।

2000 मेगावाॅट सोलर पार्क एवं 150 पाॅवर प्रोजेक्ट के लिए भूमि आवंटन, झालावाड़ अस्पताल एवं मेडिकल काॅलेज सोसायटी का राजमेस में आमेलन करने का निर्णय लिया गया। अभी झालावाड़ मेडिकल काॅलेज एक पृथक राजकीय सोसायटी ‘‘झालावाड़ अस्पताल एवं मेडिकल काॅलेज सोसायटी‘‘ के अधीन संचालित है तथा सात अन्य मेडिकल काॅलेज राजमेस सोसायटी के अधीन है। मंत्रिमंडल के इस निर्णय से राजमेस स्तर पर कार्यवाही के जरिए कार्यो में एकरूपता बनी रहेगी।

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