प्रदेश में बीते तीन सालों में ऑनलाइन धोखाधड़ी के 3069 केस दर्ज हुए, लेकिन खुलासा सिर्फ 226 का हुआ
उदयपुर, लकी जैन। कहावत है कि कानून के हाथ लंबे होते हैं और कोई गुनहगार कानून से नहीं बच पाता। लेकिन ऑनलाइन फ्रॉड करने वाले ज्यादातर बंटी-बबली तक न तो कानून के हाथ पहुंच पा रहे हैं और न ही पुलिस की हथकड़ी। गृह विभाग से मिले आंकड़ों पर गौर किया जाए तो बीते तीन सालों (1 जनवरी 2019 से 31 जनवरी 2022) में प्रदेश में 3069 केस ऑनलाइन धोखाधड़ी के दर्ज हुए हैं, लेकिन पुलिस खुलासा मात्र 7 प्रतिशत मामलों में ही कर सकी है।
ऑनलाइन धोखाधड़ी के 2399 केस में तीन साल से पुलिस के हाथ खाली
आंकड़ों के अनुसार पुलिस 1 जनवरी 2019 से 31 जनवरी 2022 तक दर्ज हुए ऑनलाइन धोखाधड़ी के 3069 केस में मात्र 226 केस में ही खुलासा कर सकी है और 224 केस में 660 आरोपियों को गिरफ्तार चालान पेश किया है।
ऑनलाइन धोखाधड़ी के 2399 प्रकरणों में अनुसंधान करने पर पुलिस को आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिल सका। ऐसे में पुलिस ने इन प्रकरणों में एफआर पेश कर इनकी फाइल ही क्लोज कर दी। मतलब ऑनलाइन धोखाधड़ी केस के खुलासे में पुलिस का सक्सेस रेशियो मात्र 7 प्रतिशत है। इसे ऐसे भी देख सकते हैं कि ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले 93 प्रतिशत अपराधी कानून की पकड़ से दूर हैं और किसी न किसी के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी को अंजाम दे रहे होंगे।
उदयपुर के 27 केस में सिर्फ 3 का हुआ खुलासा
पुलिस के ऑनलाइन धोखाधड़ी केस का खुलासा करने में उदयपुर जिले की हालत तो और भी ज्यादा खराब है। उदयपुर में दर्ज ऑनलाइन धोखाधड़ी के 27 केस में पुलिस मात्र 3 केस में ही खुलासा कर सकी है। 19 केस में कोई सफलता हाथ नहीं लगने पर पुलिस ने इनमें एफआर पेश कर फाइल ही बंद कर दी है, वहीं 5 मामलों में अभी अनुसंधान चल रहा है।
ऑनलाइन धोखाधड़ी के इन जिलों में सबसे ज्यादा केस
- जिला : दर्ज केस
- जयपुर उत्तर : 83
- जयपुर दक्षिण : 144
- जयपुर पूर्व : 164
- जयपुर पश्चिम : 158
- जयपुर ग्रामीण : 208
- जयपुर कुल : 757 (उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम, ग्रामीण)
- जोधपुर पूर्व : 163
- जोधपुर पश्चिम : 178
- जोधपुर ग्रामीण : 30
- जोधपुर कुल : 371 (पूर्व, पश्चिम, ग्रामीण )
- अजमेर : 277
उदयपुर संभाग की स्थित
- जिला : दर्ज केस
- उदयपुर : 27
- चित्तौड़गढ़ : 29
- राजसमंद : 13
- डूंगरपुर : 09
- प्रतापगढ़ : 05
- बांसवाड़ा : 03

