उदयपुर(एआर लाइव न्यूज)। गुरूकुल यूनिवर्सिटी सीकर केे भौतिक सत्यापन की गलत रिपोर्ट देने पर राज्य सरकार ने सत्यापन समिति के अध्यक्ष सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय के कुलपति अमेरिका सिंह सहित पांच लोगों के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करवा दिया है।
शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव गु्रप-4, ने जयपुर के अशोक नगर थाने में मोहनलाल सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय उदयपुर के कुलपति प्रोफेसर अमेरिका सिंह, गुरुकुल शिक्षण संस्थान के फाउंडर ट्रस्टी रणजीत सिंह, सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय के साईंस कॉलेज के डीन प्रोफेसर घनश्याम सिंह राठौड़, राजकीय विधि महाविद्यालय अलवर के सहायक आचार्य विजय बेनीवाल, राजस्थान विश्वविद्यालय के सह आचार्य डॉ.जयंत सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवायी है। सरकार को गलत रिपोर्ट पेश करने पर धारा 166,167, 420, 467, 468, 471, और 120-बी के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
ऐसे शुरू हुई गुरूकुल यूनिवर्सिटी के भौतिक सत्यापन के फर्जीवाड़े की कहानी
शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव गु्रप-4, ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया है कि गुरुकुल शिक्षण संस्थान के फाउंडर ट्रस्टी रणजीत सिंह ने सीकर में गुरुकुल विश्वविद्यालय स्थापित करने विभाग को प्रस्ताव प्रस्तुत किया था। इसके परीक्षण के लिए प्रोफेसर आईवी त्रिवेदी कुलपति गोविंद गुरु जनजाति विश्वविद्यालय बांसवाड़ा के संयोजन में समिति का गठन किया गया। इस समिति ने 19 जून 2021 को विभाग को रिपोर्ट पेश की। इसमें गुरुकुल शिक्षण संस्था को आशय पत्र जारी करने की सिफारिश की गई। समिति की सिफारिश के आधार पर गुरुकुल शिक्षण संस्था को विभाग ने एलओआई जारी कर दिया। गुरुकुल शिक्षण संस्था ने 15 सितंबर 2021 को आशय पत्र की अनुपालन रिपोर्ट पेश की। जिसमें जयपुर रोड सीकर में 80.31 एकड़ परस्पर सटी हुई भूमि उपलब्ध होने और उस पर 10000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल पर भवन निर्माण कराने का उल्लेख किया गया।
सत्यापन के लिए बनाई कमेटी ने प्रस्तुत की गलत रिपोर्ट
सरकार ने इस समिति की रिपोर्ट के सत्यापन के लिए 29 सितंबर 2021 को सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय उदयपुर के कुलपति प्रोफेसर अमेरिका सिंह के संयोजन में एक सत्यापन समिति गठित की थी। सत्यापन समिति ने 3 अक्टूबर 2021 को गुरुकुल शिक्षण संस्थान सीकर की प्रस्तुत की गई अनुपालना रिपोर्ट का भौतिक सत्यापन कर प्रमाणित हुए राज्य सरकार को रिर्पोट पेश कर दी। सत्यापन रिपोर्ट में समिति ने सीकर के पास जयपुर रोड पर 80.31 एकड़ सटी हुई भूमि होने और भूमि पर 24811 वर्ग मीटर का भवन उपलब्ध होना प्रमाणित किया।
विधानसभा में राज्य सरकार की हुई किरकिरी
सत्यापन समिति की रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार ने निर्धारित प्रक्रिया पूर्ण करते हुए गुरुकुल विश्वविद्यालय सीकर विधेयक 2022 को विधि विभाग के माध्यम से विधानसभा में किया। इस विधेयक पर सदन में 22 मार्च 2022 को चर्चा एवं पारण होना था। इस चर्चा से पहले ही यह मामला उजागर हो गया कि जिस भूमि पर विश्वविद्यालय स्थापित किया जाना प्रस्तावित है, वहां पर वर्तमान में कोई भवन उपलब्ध नहीं है। जबकि सत्यापन समिति ने मौकेे पर भवन होना प्रमाणित किया। सीकर कलेक्टर से इसकी जांच करवाई तो इस बात की पुष्टि होने पर 22 मार्च 2022 को सरकार ने विधानसभा से विधेयक को वापस ले लिया।
सरकार ने संभागीय आयुक्त जयपुर से करवाई फर्जीवाड़े की जांच
इस मामले की जांच के लिए राज्य सरकार ने 25 मार्च 2022 को संभागीय आयुक्त जयपुर दिनेश कुमार यादव की अध्यक्षता में जांच समिति बनाई। जांच समिति ने राज्य सरकार को रिपोर्ट प्रस्तुत की उसमें बताया गया कि जिस 80.31 एकड़ भूमि का जिक्र किया गया है वह एक स्थान पर उपलब्ध ना हो कर दो अलग-अलग गांवों(ग्राम देवीपुरा व ग्राम कोछोर)में मौजूद है। उस जमीन के खसरों को जयपुर रोड, सीकर पर एक ही स्थान पर होना बताया गया है। संस्थान के पास दो अलग गांवों व तहसील में भूमि उपलब्ध थी,जबकि सत्यापन समिति ने दोनों भूखंडों को एक जगह बताकर इस भूमि पर 24811 वर्ग मीटर का भवन बताकर असत्य, भ्रामक व मिथ्या सूचना राज्य सरकार को प्रस्तुत करने का षडय़ंत्र करने का काम किया है। गुरुकुल शिक्षण संस्थान सीकर ने राज्य सरकार की गाइड लाइन्स की पालना भी नहीं की।

