इससे पहले 2017 में पहाड़ी-वनक्षेत्र की आग पर काबू पाने आर्मी के हेलीकॉप्टर का उपयोग हुआ था
उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। सज्जनगढ़ अभयारण्य में पहाड़ियों पर लगी आग पर तीसरे दिन मंगलवार को काबू पाया सका। एयरफोर्स के फलोदी स्टेशन से आए हेलीकॉप्टर ने सोमवार शाम से आग पर काबू पाने का ऑपरेशन शुरू किया। हेलीकॉप्टर ने मंगलवार सुबह तक कुल 6 राउंड लगाए। इसमें 4 राउंड में 14000 लीटर पानी डालकर समय रहते आग पर काबू पा लिया और 2 राउंड आग की स्थित को चेक करने के लिए लगाए।
आग पर कंट्रोल होने के बाद कलेक्टर ताराचंद मीणा और डीएफओ डॉ. अजीत ऊंचोई सहित सभी वनकर्मियों ने राहत की सांस ली। कलेक्टर ताराचंद मीणा ने एयरफोर्स के सहयोग के लिए उनके अधिकारियों को धन्यवाद दिया।
डीएफओ डॉ. अजीत ऊंचोई ने बताया कि सज्जनगढ़ अभयारण्य क्षेत्र में आग लगने की सूचना रविवार को मिली थी। तब से वनकर्मी आग बुझाने के काम में जुट गए थे। पहाड़ी के निचले स्तर में आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया था, लेकिन रविवार रात को चली तेज हवाओं से आग पहाड़ी के उपरी हिस्से तक फैल गयी। दावानल बढ़ने से अभयारण्य के जीव-जंतुओं पर भी खतरा मंडरा रहा था, साथ ही आग के बायोलॉजिकल पार्क और फोर्ट के नजदीक आने का खतरा भी था।
जब लगा कि सिर्फ वनकर्मियों के जरिए आग पर काबू नहीं पाया जा सकेगा तो कलेक्टर ताराचंद मीणा के नेतृत्व में एयरफोर्स से बात कर हेलीकॉप्टर बुलाया गया। कलेक्टर ने आर्मी स्टेशन कमांडर से बात की। सोमवार शाम को हेलीकॉप्टर के जरिए आग पर काबू पाने का ऑपरेशन शुरू किया गया। मंगलवार सुबह करीब 12 बजे तक आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।
एक राउंड में 3500 लीटर पानी लेकर जा रहा था हेलीकॉप्टर
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के उपनिदेशक डॉ. कमलेश शर्मा ने बताया कि एयरफोर्स से प्राप्त जानकारी के अनुसार हेलीकॉप्टर एक राउंड में फतहसागर से बकेट में 3500 लीटर पानी भरकर ले जा रहा था और अभयारण्य के जिस हिस्से में आग लगी हुई थी, वहां पानी का छिड़काव कर रहा था। मंगलवार सुबह आग पर काबू पाने तक हेलीकॉप्टर ने करीब 6 राउंड लगाए। 4 राउंड में बकेट में पानी भरकर ले गया और बाकि राउंड में उसने रैकी कर आग की स्थिति चेक की।
उदयपुर में दूसरी बार वनक्षेत्र की आग पर काबू पाने के लिए हुआ हेलीकॉप्टर का उपयोग
उदयपुर में हर वर्ष इन महीनों में पहाड़ियों पर आग लगती है। अक्सर वनकर्मी ही आग पर काबू पा लेते हैं। उदयपुर में ऐसा दूसरी बार हुआ है, जब पहाड़ी पर लगी आग पर काबू पाने के लिए हेलीकॉप्टर का उपयोग किया गया हो। इससे पहले 2017 में पहाड़ी वन क्षेत्र में आग बुझाने के लिए हेलीकॉप्टर का उपयोग किया गया था।
वर्ष 2017 मार्च के आखिरी सप्ताह में एकलिंगगढ़ छावनी से सटी पहाड़ी पर आग लग गयी थी। संवेदनशील क्षेत्र से सटी पहाड़ी पर आग लगने से डिफेंस विंग ने आग बुझाने का ऑपरेशन शुरू किया था। तब सेना का एमआई-17 वी5 हैलिकॉप्टर काम में लिया गया था।

