दस दिनों से औसतन 22.8 रैक कोयले की प्रतिदिन आपूर्ति : एसीएस डॉ. अग्रवाल
जयपुर(एआर लाइव न्यूज)। राज्य विद्युत उत्पादन निगम की तकनीकी कारणों से बंद इकाइयों में से 1120 मेगावाट क्षमता की तीन इकाइयों में शनिवार सुबह विद्युत उत्पादन आरंभ हो गया। इन यूनिट पर कोयले की कमी का असर नहीं था बल्कि तकनीकी कारणों से उत्पादन पर असर पड़ा था। वहीं 500 मेगावाट क्षमता के दो तापीय विद्युत गृहों में रात तक विद्युत उत्पादन आरंभ हो जाएगा।
अतिरिक्त मुख्य सचिव एनर्जी डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देशों से केन्द्र सरकार से उच्च स्तर पर समन्वय बनाते हुए शनिवार को ही एनटीपीसी की दादरी इकाई से 179 मेगावाट विद्युत की अतिरिक्त आपूर्ति आरंभ करवाई गई है। राज्य में तकनीकी कारणों से भी बंद इकाइयों में बिजली का उत्पादन जल्द से जल्द शुरु कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। शनिवार को ही पांच इकाइयों मेें उत्पादन शुरु करवाया गया है। ऐसे प्रयास किए जा रहे हैं कि रविवार को प्रदेश में बिजली की कटौती की संभावना नहीं होगी।
सीएम और ऊर्जा मंत्री भी कर हरे मॉनिटरिंग
सुबोध अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व ऊर्जा मंत्री भंवर सिंह भाटी बिजली की उपलब्धता पर नजर रखे हुए हैं। चेयरमैन डिस्काम्स भास्कर ए.सावंत ने बताया कि राज्य में स्थापित नवेली निग्नाइट की 250-250 मेगावाट की दो इकाइयों में से एक में उत्पादन हो रहा है और दूसरी इकाई में भी मंगलवार तक पुन: उत्पादन शुरु कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
विद्युत उत्पादन निगम के सीएमडी आरके शर्मा ने बताया कि राज्य विद्युत उत्पादन निगम की सूरतगढ़ की दो और कोटा की एक इकाई में 1120 मेगावाट बिजली का उत्पादन शुरु हो गया है। इसी तरह से 250.250 मेगावाट क्षमता की सूरतगढ की दो इकाइयों में रात तक उत्पादन आरंभ होने की संभावना है।

