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सीमेंट कंपनियों की गड़बड़ियों का हुआ खुलासा : हिंदुस्तान जिंक पर भी हुई कार्रवाई, बंद कराए गए धर्मकांटे

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की जांच टीमों ने सीमेंट कंपनियों पर मारे छापे, तो मचा हड़कंप

मैसर्स बिरला कॉर्पोरेशन अलग-अलग एमआरपी पर बेच रहा था सीमेंट

उदयपुर सिमेंट वर्क डबोक के कट्टों में तय मात्रा से कम मिली सीमेंट

उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के विधिक माप विज्ञान प्रकोष्ठ की स्टेट टीम की जांच टीम ने शुक्रवार को उदयपुर व चित्तोङगढ़ जिलों में कारवाई कर कई बड़ी गड़बडिय़ा पकड़ी है। उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री के निर्देश पर अचानक हुई इस कार्रवाई में कई बड़ी फर्मों पर मामले भी दर्ज कर लिए गए है।

प्रकोष्ठ के उपनियंत्रक चंदी राम जसवानी ने बताया किचित्तौड़ जिले में मैसर्स हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड में उपयोग में लिए जा रहे वे-ब्रिज(धर्म कांटों) की मात्रात्मक शुद्धता की जांच में दो मशीन में वजन से जुड़ी गड़बडिय़ा मिली। इनको फिर से सत्यापन होने तक बंद करवा दिया गया है।

मैसर्स बिरला कॉर्पोरेशन लिमिटेड में पैकर पंजियन न मिलने व दो अलग-अलग एमआरपी पर सीमेंट का विक्रय किए पाए जाने व टेस्टिंग किट नहीं होने से विधिक माप विज्ञान अधिनियम के तहत किया प्रकरण दर्ज किया गया। प्रकोष्ठ के उपनियंत्रक चंदी राम जसवानी ने बताया कि उपभोक्ताओं के बाट और माप के संबंध में हितों के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए राज्य स्तरीय पांच दलों का गठन किया गया है। इन जांच दलों द्वारा नियमित कारर्वाई की जाएगी।

तय मात्रा से कम वजन था सिमेंट के कट्टों में

मैसर्स उदयपुर सिमेंट वर्क डबोक की जांच में सिमेंट के बैग्स में निर्धारित अंकित मात्रा से कम वजन पाए जाने पर 150 बैग के लॉट को रिजेक्ट कर प्रकरण भी दर्ज किया गया। इसी प्रकार सॉलकिट डिस्टलरी और बेवरेज प्लांट द्वारा असत्यापित मशीन उपयोग में लिए पाए जाने पर जब्त कर प्रकरण दर्ज किया गया।

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