एक्मे फिनट्रेड संचालकों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज
उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। सवीना स्थित एक्मे फिनट्रेड इंडिया कंपनी, उससे जुड़े डीएसए और संचालकों के खिलाफ ऋण देने के दौरान धोखाधड़ी करने और अवैध ऋण वसूली के आरोप में हिरणमगरी थाने में एफआईआर दर्ज हुई है।
बेड़वास निवासी परिवादी दंपत्ति कैलाशी बाई और मनोहरलाल सैन ने एक्मे फिनट्रेड इंडिया फाइनेंस कंपनी के अधिकृत एजेंट मांगीलाल जैन, मैनेजिंग डायरेक्टर निर्मल जैन, डायरेक्टर प्रवीण कुमार जैन, बंशीलाल चंपालाल जैन, राजेश जैन, अमृत सिंह राजपुरोहित, रमेश कुमार जैन, सुभाष जैन, राजेंद्र चित्तोड़ा, कैलाश जैन, दीपेश जैन सहित अन्य के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज करवाई है।
आरोप है कि कंपनी ने पीड़ित दंपत्ति को डेढ़ लाख रूपए का लोन दिया और दंपत्ति की जानकारी के बगैर उसके नाम से साढ़े तीन लाख रूपए का लोन बताकर बचे हुए दो लाख रूपए का अतिरिक्त लोन अपने ही प्रतिनिधि के खाते में ट्रांसफर कर दिया। अब कंपनी पीड़ित दंपत्ति से साढ़े तीन लाख रूपए लोन के अनुसार वसूली करना चाहती है, जबकि लोन के 2 लाख रूपए तो दंपत्ति के खाते में कभी आए ही नहीं और न ही दंपत्ति को इस लोन राशि की जानकारी थी।
दंपत्ति के गिरवी रखे कृषि भूखंड पर कब्जा करने के नाम पर धमका रहे
पीड़ित दंपत्ति के एडवोकेट नरेन्द्र कुमार जोशी ने बताया ने बताया कि दंपत्ति मजदूरी कर जीवन यापन करते हैं। रूपयों की आवश्यकता होने पर फरवरी 2018 में उन्होंने एक्मे फिनट्रेड फाइनेंस कंपनी में मांगीलाल जैन के जरिए ऋण के लिए आवेदन किया था। आरोपी पक्ष ने ऋण प्रक्रियाएं पूरी करवा पीड़ित दंपत्ति को मोर्गेज ऋण कम्पनी से स्वीकृत करवाया था और पीड़ित दंपत्ति के कृषि भूखंड की असल रजिस्ट्री एवं दंपत्ति के हस्ताक्षरित रिक्त स्टाम्प और हस्ताक्षरशुदा रिक्त चैक बतौर सिक्योरिटी कम्पनी ने गिरवी रखे थे।
कंपनी ने पीड़िता के खाते में डेढ़ लाख रूपए का ऋण ट्रांसफर कर दिया था। जिसकी प्रतिमाह निर्धारित किश्त राशि 6998 रूपए 28 महीने तक दंपत्ति को देनी थी। लेकिन कम्पनी के रिकवरी एजेंट्स ने दंपत्ति को परेशान कर और धमकाकर 34 महीने तक किश्ते वसूल कीं। इसके बाद भी रिकवरी एजेंट ने दंपत्ति के साथ अभद्रता की और घर पर कब्जा करने की धमकी देकर अवैध रूप से राशि वसूल करने का प्रयास किया।
दंपत्ति ने कंपनी में एजेंट की शिकायत की तो कंपनी की धोखाधड़ी का पता चला
दंपत्ति ने बताया कि उन्होंने एक्मे फिनट्रेड कम्पनी प्रबंधन से रिकवरी एजेंट की शिकायत की, तो पता चला कि उनके साथ कंपनी ने ही धोखाधड़ी की है। कपंनी ने दंपत्ति की जानकारी के बगैर धोखाधड़ी कर दंपत्ति के नाम पर डेढ़ के बजाए साढ़े तीन लाख रूपए का ऋण जारी किया। जिसमें दंपत्ति के खाते में तो सिर्फ डेढ़ लाख रूपए ही ट्रांसफर हुए और ऋण के दो लाख रूपए अपने ही प्रतिनिधि मांगीलाल जैन के खाते में जमा करवा दिए। अब कंपनी संचालक इस राशि की अवैध वसूली के लिए पीड़ित दंपत्ति को धमका रहे हैं।
एडवोकेट नरेन्द्र कुमार जोशी ने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक और एनबीएफसी गाइडलाइन के अनुसार बैंक या कम्पनी को ऋण राशि ऋणी के खाते में ही क्रेडिट करनी होती है। वह राशि किसी अन्य के बैंक खाते में अंतरित नहीं कर सकते है। कंपनी ने नियम विरूद्ध दंपत्ति के नाम पर ऋण जारी कर, किसी अन्य व्यक्ति के खाते में जमा कर और फिर दंपत्ति को ऋण की अवैध वसूली के लिए धमकाने का कृत्य कारित किया है। जिस पर न्यायालय के आदेश पर आरोपी पक्ष के खिलाफ हिरणमगरी थाने में एफआईआर दर्ज हुई है।

