उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। सेंट्रल जीएसटी कमिश्नरेट उदयपुर की एंटीइवेजन शाखा ने मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय (MLSU) पर कार्रवाई कर जांच में पाया कि यूनिवर्सिटी ने 2 करोड़ 94 लाख रूपये जीएसटी का भुगतान नहीं किया है।
सेंट्रल जीएसटी ने मंगलवार को एमएलएसयू से जीएसटी के 84 लाख 89 हजार वसूल किए हैं, वहीं 2 करोड 94 लाख का केस बुक किया है। केन्द्रीय जीएसटी आयुक्तालय उदयपुर के आयुक्त एवं अपर आयुक्त के निर्देशानुसार विभाग की एंटीइवेजन शाखा ने यह कार्रवाई की गई।
विभाग को प्राप्त इंटेलिजेंस के अनुसार मोहनलाल सुखाडिया विश्वविद्यालय उदयपुर के 150 से अधिक संबद्ध महाविद्यालय हैं। जिनसे विश्वविद्यालय द्वारा संबद्धता एवं इससे संबंधित शुल्क वसूल किए जा रहे हैं, जबकि उस पर देय जीएसटी का भुगतान नहीं किया जा रहा है।
एमएलएसयू को अब जीएसटी पर 18.58 लाख रूपए ब्याज भी देना पड़ा
इसके पश्चात विभाग द्वारा इस बाबत विश्वविद्यालय से संबद्धता शुल्क (एफिलिएशन फीस) वसूली की जानकारी एकत्रित की गई और पाया कि शैक्षिक सत्र 2017-18 से शैक्षिक सत्र 2021-22 के लिए वसूल किया गया संबद्धता एवं इससे संबंधित शुल्क 16 करोड़ 35 लाख रूपये है, जिस पर देय 2 करोड़ 94 लाख रूपये जीएसटी का भुगतान नहीं किया गया।
सीजीएसटी टीम ने एमएलएसयू के वित्त नियंत्रक के बयान भी दर्ज किए। इसमें वित्त नियंत्रक ने स्वीकार किया कि विश्वविद्यालय के द्वारा यह देय कर जमा नहीं करवाया गया। जिसे सक्षम प्राधिकारी द्वारा वित्त विभाग, राजस्थान सरकार से मार्गदर्शन मांगा गया। जिसके प्रत्युत्तर में वित्त विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा विश्वविद्यालय को बताया गया कि इस पर जीएसटी देय है।
विश्वविद्यालय द्वारा कुल 84.89 लाख रूपए जिसमें 66.31 लाख रूपए जीएसटी एवं इस पर ब्याज 18.58 लाख रूपए जमा करवाया गया और बताया कि बकाया जीएसटी भी शीघ्र जमा करवाएंगे। विभाग द्वारा आगे की जांच जारी है।

