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भानुकुमार शास्त्री की स्मृति में राष्ट्रीय सेमीनार : ज्योतिष बोले, आधुनिक युग में भी ज्योतिष का है अपना महत्व

निम्बार्क कॉलेज में सेमीनार का रविवार को समापन

उदयपुर(एआर लाइव न्यूज)। पूर्व सांसद एवं ज्योतिषविद् भानुकुमार शास्त्री की स्मृति में शहर के निम्बार्क कॉलेज में दो दिवसीय राष्ट्रीय ज्योतिष सेमीनार की शनिवार को शुरूआत हुई। इसमें यह बात भी प्रमुख रूप से उभर कर आयी कि तकनीकी रूप से हमें भले ही कितना ही आगे बढ़ गए हो, लेकिन आधुनिक युग में ज्योतिष का आज भी अपना उतना ही महत्व है।
ज्योतिष अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान द्वारा आयोजित सेमीनार के मुख्य अतिथि पूर्व कुलपति डा. कैलाश सोडानी ने कहा कि इक्कीसवीं सदी का समय ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था का है, अब विश्व में विजेता ज्ञान के आधार पर तय होगा। इसमें ज्योतिष का भी अपना महत्व हैं। वद्र्धमान महावीर विश्वविद्यालय की क्षैत्रीय निदेशक डॉ. रश्मि बोहरा ने कहा कि ज्योतिषीय कालगणना व फलित में अध्ययन अनुसंधान महत्वपूर्ण है।

मौलिक संस्कृति व संस्कारों से जुडे रहकर आधुनिकता व विकास को अपनाए

विशिष्ट अतिथि महंत रासबिहारी शरण ने कहा कि हमें मौलिक संस्कृति व संस्कारों की जड़ों से जुडे रहकर आधुनिकता व विकास को अपनाना चाहिये। संस्थान के अध्यक्ष हरिश्चन्द्र शर्मा ने ग्रहों के प्रभाव की खगोलीय समझ, गोविंद मौर्य ने ज्योतिष एवं भौतिकी, साधना मेनारिया ने ज्योतिष में ग्रहफलश, हिमांशु नागौरी ने विवाह एवं न्याय प्रणाली का ज्योतिषीय संदर्भ, भारती दशोरा ने ज्योतिष एवं मनोविज्ञान व डॉ. सुरेश जोशी ने कुंडली मिलान की वैज्ञानिकता पर विचार व्यक्त किए। महापौर जीएस टांक, यूआईटी के पूर्व अध्यक्ष रवीन्द्र श्रीमाली, विप्र फाउंडेशन के प्रदेश अध्यक्ष केके शर्मा सहित कई शहरोंं के ज्योतिष भी मौजूद थे।

ज्योतिष क्षैत्र में नवीन समयानुकूल अनुसंधान होना चाहिए

वल्लभनगर के पूर्व विधायक रणधीरसिंह भीण्डर ने कहा कि ज्योतिष क्षैत्र में नवीन समयानुकूल अनुसंधान होना चाहिए। मावली विधायक धर्मनारायण जोशी ने कहा कि ज्योतिष की अपनी महत्ता हैं, इस बात को नकार नहीं सकते। संस्थान अध्यक्ष हरीश्चन्द्र शर्मा ने ज्योतिष के विविध आयामों व ज्योतिषीय अनुसंधान की जानकारी दी। अखिलेश शर्मा ने संस्थान की गतिविधियों की जानकारी दी। पं. जगदीश श्रीमाली,संस्थान के डा.सुरेश चन्द्र जोशी, राजेन्द्र प्रसाद जैन,भगवती शंकर व्यास ने भी विचार व्यक्त किए।

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