उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। शहर के नए कलेक्टर ताराचंद मीणा उन बच्चों के हीरो बन गए हैं, जिनका दुनिया में कोई नहीं। नियती ने जिन बच्चों से उनके माता-पिता छीन लिए और उन्हें बेसहारा कर दिया, उदयपुर कलेक्टर उन बच्चों के साथ समय बिताकर उन्हें संबल प्रदान कर रहे हैं।
गुरूवार को उदयपुर कलेक्टर ताराचंद मीणा ने लवीना सेवा संस्थान और टीएडी के आश्रम छात्रावास पई के 33 अनाथ बच्चों सहित कुल 75 बच्चों को अपने घर बुलाया। कलेक्टर ने बच्चों के साथ बैठकर नाश्ता किया और खूबसारी बातें की।
कुछ बच्चों ने कहा कि वे भी उनके जैसे कलेक्टर बनना चाहते हैं। जिस उम्र में बच्चे पुलिस के नाम से डरते हैं, वही 5 वर्षीय मुकुल जोशी ने पुलिस बनने की बात कही। बच्चों के साथ गपशप कर कलेक्टर ने जब उन्हें टीशर्ट, कैप, स्कूल बैग और सीटी गिफ्ट किए तो सभी बच्चों के चेहरे खिल उठे।
फिश एक्वेरियम से की पिकनिक की शुरूआत
जिला कलक्टर ने इन अनाथ बच्चों को पिकनिक पर ले जाने और पर्यटन स्थलों को भ्रमण कराने के लिए विशेष बस की व्यवस्था की। सुबह 10 बजे फतहसागर के फिश एक्वेरियम में रंग बिरंगी मछलियों को देखने के साथ बच्चों की पिकनिक की शुरूआत हुई। फतहसागर झील में बोटिंग के माध्यम से बच्चों ने नेहरू गार्डन की सैर भी की।
इसके बाद बच्चों ने सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में गोल्फ कार्ट में बैठकर वन्यजीवों और उनकी अठखेलियों को देखा। जंगल के राजा शेर की दहाड़ सुनकर बच्चों ने रोमांच का अहसास किया। दोपहर में कलक्टर मीणा, एसडीओ सलोनी खेमका, ब्रांड एंबसेडर डॉ दिव्यानी कटारा ने इन बच्चों के साथ भोजन किया।
कठपुतली डांस देखकर खूब मौज-मस्ती की
बच्चों को लोक कलामण्डल का भ्रमण भी करवाया गया। यहां निदेशक डॉ लईक हुसैन के नेतृत्व में कठपुतली शो देखकर खूब मौज मस्ती की।

