जयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पहली बार किसान हित को अहमियत देते हुए राज्य विधानसभा में बुधवार को अलग से कृषि बजट पेश किया। इसमें उन्होंने किसानों को अर्थव्यवस्था की धुरी बताते हुए कई बड़ी घोषणाएं की।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कृषि पर प्रदेश में लगभग 85 लाख परिवारों को जीवनयापन निर्भर है। हमारा लक्ष्य अगले पांच सालों में राजस्थान को कृषि के क्षेत्र में देश के अग्रणि राज्यों में शामिल कराना है। प्रदेश के सभी जिलों में दिन में भी सिंचाई के लिए बिजली मिलेगी।
प्रतापगढ़ और उदयपुर के खेरवाड़ा में कृषि महाविद्यालय, देवली टोंक में कृषि विज्ञान केन्द्र और नाथद्वारा में पशु पालक प्रशिक्षण संस्थान खोला जाएगा। प्रदेश में उंट संरक्षण विकास नीति लागू होगी, 10 करोड़ रूपए का प्रावधान।
ये हैं मुख्य घोषणाएं
- मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना की राशि 2000 करोड़ से बढ़ाकर 5000 करोड़ की।
- राजस्थान सूक्ष्म सिंचाई मिशन : 2700 करोड़ रूपए का प्रावधान, 5 लाख से अधिक किसान लाभांवित होंगे। इसमें सिंचाई की व्यवस्था के लिए 4 लाख से अधिक किसानों को 1750 करोड़ रूपए व 50 हजार किसानों को 20 हजार किमी में सिंचाई पाइप बिछाने के लिए 100 करोड़ रूपए का अनुदान दिया जाएगा।
- फार्म पॉन्ड निर्माण के लिए 45 हजार किसानों को 375 करोड़, डिग्गियों के निर्माण के लिए 15 हजार किसानों को 450 करोड़ रूपए और 300 सामुदायिक जल स्त्रोतों के लिए 60 करोड़ का अनुदान मिलेगा।
- राजस्थान खाद्य प्रसंसकरण मिशन शुरू होगा, इसमें प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़, कोटा, बारां में लहसुन के लिए, बाड़मेर, जालोर में अनार के लिए, झालावाड़, भीलवाड़ा संतरे के लिए, जयपुर में टमाटर-आंवले के लिए, अलवर, भरतपुर, धोलपुर, करोली, सवाईमाधोपुर जिलों में सरसों के लिए प्रोसेसिंग यूनिट को अधिकतम 1 करोड़ रूपए तक का अनुदान दिया जाएगा।
- राजस्थान संरक्षित खेती मिशन शुरू होगा, इसमें ग्रीन हाउस, शेडनेट हाउस, लो-टनल के लिए 400 करोड़ का अनुदान दिया जाएगा।
- मुख्यमंत्री जैविक खेती मिशन शुरू होगा, 600 करोड़ रूपए का प्रावधान।
- राजस्थान बीज उत्पादन एवं वितरण मिशन शुरू होगा।
- बाजरा, ज्वार सहित छोटे अनाजों की खेती को प्रोत्साहित करने राजस्थान मिलेट्स प्रोत्साहन मिशन शुरू होगा, 100 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। इसमें किसानों को उन्नत किस्म के बीज अनुदान पर मिलेंगे।
- राजस्थान कृषि तकनीक मिशन शुरू होगा। 400 करोड़ का प्रावधान है। किसानों को कृषि यंत्र खरीदने पर अनुदान मिलेगा।
- मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहित करने के लिए 50 करोड़ रूपए के अनुदान मिलेगा।
- 1 लाख किसानों को सोलर पंप स्थापित करने के लिए 60 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। 500 करोड़ रूपए का प्रावधान किया है। एससी-एसटी के किसानों को 45 हजार रूपए तक का अतिरिक्त अनुदान दिया जाएगा।
कस्टम हायरिंग केन्द्रों को 1000 ड्रोन उपलब्ध कराए जाएंगे
- माइक्रो इरीगेशन से संबंधित रीसर्च एवं ट्रेनिंग के लिए सभी संभागीय मुख्यालयों पर 5-5 करोड़ रूपए की लागत से सेंटर फॉर एक्सीलेंस फॉर माइक्रो इरीगेशन की स्थापना होगी।
- फल-बगीचों की स्थापना, सब्जी और फूलों, बीजीय मसालों एवं औषधीय फसलों के उत्पादन के लिए राजस्थान उद्यानिकी विकास मिशन शुरू होगा। 100 करोड़ का प्रावधान।
- नीलगाय व आवारा पशुओं से फसलों को बचाने के लिए राजस्थान फसल सुरक्षा मिशन शुरू होगा। इसमें खेतों में तारबंदी जैसे अहम काम होंगे।
- राजस्थान भूमि उर्वकरता मिशन शुरू होगा।
- रासायन छिड़काव के लिए कृषक उत्पादन संगठन और कस्टम हायरिंग केन्द्रों को 1000 ड्रोन उपलब्ध कराए जाएंगे।
- प्रदेश के सभी जिलों में दिन में भी सिंचाई के लिए बिजली मिलेगी।
- राजस्थान कृषि श्रमिक संबल मिशन शुरू होगा। 100 करोड़ का प्रावधान।
कृषि भंडारण एवं विपणन
- चित्तौड़, उदयपुर सहित 8 जिलों में 220 करोड़ की लागत से मिनी फूड पार्क बनेंगे।
- फल सब्जी निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कोटा और जोधपुर में पीएचवाईटीओ सेनेट्री लैब की स्थापना होगी।
- टोंक में बायो पेस्टिसाइड और बायो एजेंट्स इंट्रीगेटेड लैब स्थापित होगी।
- सौ गोदाम विहीन ग्राम सेवा सहकारी समितियों में 100 मैट्रिक टन क्षमता के गोदाम व कार्यालय बनाए जाएंगे।
- आगामी दो साल में 4171 ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर जीएसएस स्थापित होगा।
- राजसमंद में 30 करोड़ रूपए की लागत से मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट लगेगा।
कृषि ऋण
ब्याज मुक्त फसली ऋण वितरण योजना में 5 लाख नए किसानों को शामिल किया जाएगा। 20 हजार करोड़ का ऋण वितरण होगा।
सिंचाई विकास
- राजस्थान इरीगेशन री-स्ट्रक्चरिंग प्रोग्राम शुरू होगा। इसमें 3 वर्षों में 14860 करोड़ रूपए की लागत से एनीकट निर्माण, ग्राम सिंचाई परियोजना जैसे विभिन्न काम होंगे।
- विभिन्न जिलों में स्थित 100 बांधों व 100 नहरी तंत्र के जीर्णोद्धार पर 800 करोड़ रूपए खर्च होंगे।
- भूजल पुनर्भरण के लिए 100 वॉटर हारवेस्टिंग स्ट्रक्चर, एनीकट निर्माण व जीर्णोंद्धार पर 600 करोड़ रूपए खर्च होंगे।
- बांसवाड़ा में माही बांध की नहरों के सुधार पर 545 करोड़ रूपए खर्च होंगे।
- घाटोल बांसवाड़ा में खमेरा नहर प्रणाली में फव्वारा सिंचाई पद्धति से जुड़े काम पर 100 करोड़ रूपए खर्च होंगे।
- उदयपुर, चित्तौड़, प्रतापगढ़, राजसमंद, डूंगरपुर व भीलवाड़ा में सिंचाई परियोनजा के सुदृढिकरण पर 200 करोड़ रूपए खर्च होंगे।
- माही परियोजना से अपर हाई लेवल नहर से 121 गांव और जुड़ेंगे। इस परियोजना पर 2500 करोड़ रूपए खर्च होंगे। पीपलखूंट हाईलेवल कैनाल का दो चरणों में निर्माण होगा, इस पर 2 हजार करोड़ रूपए खर्च होंगे।
- भीखाबाई सागवाड़ा नहर की नई नहरों की डीपीआर बनेगी।
- हरिदेव जोशी नहर तंत्र पर 120 करोड़ रूपए के जीर्णोद्धार काम होंगे।
- पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना निगम का गठन होगा। इंद्रा गांधी नहर परियोजना के जीर्णोद्धार पर 600 करोड़ रूपए खर्च होंगे।

