उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। एसीबी उदयपुर की टीम ने मंगलवार को डूंगरपुर में पशु पालन विभाग के तीन अधिकारियों संयुक्त निदेशक डॉ. उपेन्द्र सिंह, वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. जावेद खान इस्माईल और पशुधन सहायक अनिल भगोरा को को 1 लाख 60 हजार रूपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है।
एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश ओझा ने बताया कि परिवादी वागड़ गोट एण्ड पोल्टी फार्म के मेनेजिंग डायरेक्टर अभिषेक सवल ने एसीबी को शिकायत की थी। शिकायत में बताया था कि उसकी फर्म को संयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग डूंगरपुर से 11 फरवरी 2022 को 59 गोट यूनिट (1 यूनिट में पांच बकरी एवं एक बकरा) सप्लाई करने का आदेश प्राप्त हुआ। जिस पर प्रति यूनिट 52000 रूपये तय हुए। 20 यूनिट गोट पशुपालन विभाग को सप्लाई की, जिसका भुगतान 21 फरवरी 2022 को कर दिया गया।
इस भुगतान के कमीशन के रूप में प्रत्येक यूनिट के 8000 रूपये के हिसाब से 20 यूनिट के 1 लाख 60 हजार रूपये पशु पालन विभाग संयुक्त निदेशक डॉ. उपेन्द्र सिंह ने डॉ. जावेद खान के मार्फत रिश्वत राशि की मांग की।
घर पर ही परिवादी को रिश्वत राशि लेकर बुला लिया
एसीबी ने शिकायत का सत्यापन किया उसमेंं शिकायत सही मिली। इस पर एसीबी डीएसपी हेरंब जोशी के नेतृत्व में टीम डूंगरपुर पहुंची। एसीबी टीम ने मंगलवार को डॉ.जावेद खान को उसके निवास पर परिवादी से 1 लाख 60 हजार रूपये की रिश्वत लेते हुए दबोच लिया।
रिश्वत लेने के बाद एसीबी ने डॉ. जावेद की डॉक्टर उपेन्द्र सिंह से भी रिश्वत के सम्बन्ध में वार्ता करवाई गई, जिस पर डॉ. उपेन्द्र सिंह ने रिश्वत राशि मांग स्वीकार की और डॉ. जावेद को रिश्वत राशि लेकर संयुक्त निदेशक कार्यालय आने को कहा। डॉ. जावेद संयुक्त निदेशक कार्यालय पहुंचे और संयुक्त निदेशक डॉ. उपेन्द्र सिंह को रिश्वत राशि के 1 लाख 60 हजार रूपए दिए। डॉ. उपेन्द्र ने रिश्वत राशि के 1 लाख 60 हजार रूपए लेकर पशुधन सहायक अनिल भगोरा को संभालकर रखने के लिए दिए। तभी एसीबी की टीम ने संयुक्त निदेशक डॉ उपेन्द्र सिंह और पशु धन सहायक अनिल भगोरा को भी धरदबोचा।
संयुक्त निदेशक का 11 महीने बाद होना है रिटायरमेंट
रिश्वत लेते गिरफ्तार हुए पशु पालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. उपेन्द्र सिंह की 59 वर्ष उम्र हो चुकी है। उनका 11 महीने बाद रिटायरमेंट भी है।
एसीबी की इस टीम ने की कार्रवाई : एसीबी पुलिस उप अधीक्षक हेरम्ब जोशी के नेतृत्व में हैड कांस्टेबल मुनीर मोहम्मद, करण सिंह, लाल सिंह, टीकाराम, कांस्टेबल सुरेश, मांगीलाल, अशोक और कनिष्ठ लिपिक लक्ष्मण सिंह की टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।

