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कोरोना काल प्रकृति को बचाने वरदान साबित होता नजर आया

एमजी कॉलेज में दो दिवसीय इंटरनेशनल ई-कांफ्रेंस शुरू

उदयपुर(एआर लाइव न्यूज)। पर्यावरण और सतत विकास मुद्दे एवं चुनौतियां विषय पर एमजी कॉलेज की अगुवाई में दो दिवसीय इंटरनेशनल ई-कांफ्रेंस शनिवार को शुरू हुई।

चैतन्य डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी वारंगल के कुलपति प्रोफेसर जी.दामोदर नेे पर्यावरण ने कहा कि हम दैनिक जीवन में प्रकृति के खिलाफ तो कार्य करते ही हैं उसको नुकसान भी पहुंचाते हैं। कोरोना काल प्रकृति को बचाने वरदान साबित होता नजर आया। इस महामारी ने हमें यह संदेश दिया है कि हम एक स्वस्थ जीवन जीयें और प्रकृति को किसी भी तरह से नुकसान नहीं पहुंचायें। आयोजन संयोजक डॉ.अन्जू बेनीवाल ने इंटरनेशनल ई-कांफ्रेंस के उद्देश्य बताए। एमजी कॉलेज प्राचार्य डॉ. शशि सांचीहर ने बताया कि ई-कांफ्रेंस में 247 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं।

हमारी संस्कृति में प्रकृति का संरक्षण सर्वोपरी रहा

लखनऊ यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर दीप्ति रंजन साहू ने कहा कि हमारी संस्कृति में प्रकृति का संरक्षण सर्वोपरी रहा है। उद्घाटन सत्र में स्टेनफार्ड यूनिवर्सिटी के डॉ. गिरीश श्रीमाली, लॉस एंजिल्स यूएसए के वैज्ञानिक डॉ. जगपाल सिंह, महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय बीकानेर के कुलपति प्रोफेसर विनोद कुमार सिंह और एमईडी एस यूनिवर्सिटी आजमगढ़ के कुलपति प्रोफेसर प्रदीप कुमार शर्मा ने भी पर्यावरण संरक्षण की जरूरत और चुनौतियों की जानकारी दी।

प्रोफेसर रश्मि जैन राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर, डॉ.जगदीप सिंह, सहायक आचार्य, राजकीय महाविद्यालय नारायणगढ़ अम्बाला, डॉ. हीना खान, सह आचार्य विद्यापीठ उदयपुर तथा डॉ. अनुजा जैन, सहायक आचार्य राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर, आयोजन सचिव डॉ. दीपक माहेश्वरी और डॉ.पूर्णिमा सिंह ने भी विषय की जानकारी दी।

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