उदयपुर(एआर लाइव न्यूज)। करीब तीन साल के लंबे इंतजार बाद गहलोत सरकार ने बुधवार शाम 44 बोर्ड-निगम और आयोग में कुल 58 लोगों को राज्य स्तरीय राजनीतिक नियुक्तियां दी है। इससे नेता तो खुश नजर आ रहे होंगे, लेकिन जमीनी कार्यकर्ताओं को महज मायूसी हाथ लगी नजर आ रही है।
गहलोत सरकार के मौजूदा कार्यकाल में पहली बार बड़े स्तर पर इतनी राजनीतिक नियुक्तियां हुई है, इसमेंं 11 विधायक, 4 पूर्व विधायक और 2 पूर्व सांसदों को भी मौका दिया गया है। राजनीतिक नियुक्तियों के रूप में 4 पूर्व विधायकों और 2 पूर्व सांसदों को भी मौका दिया गया है। गहलोत सरकार को समर्थन दे रहे निर्दलीय विधायकों में से भी 4 विधायकों को मौका दिया गया है। इनमें भी ऐसे कई नाम शामिल है जिनको पहले भी सत्ता या संगठन में मंत्री,प्रदेश पदाधिकारी या अन्य किसी न किसी रूप में बड़े पद मिलते आए है। कुछ नेताओं के परिवारजनों को भी मौका दिया गया है
नेताओं के लिए जाजमें बिछाने वाले इंतजार ही करते रह गए
गहलोत सरकार से मिले राजनीतिक तौहफे से इन सबके तो एक तरह से अच्छे दिन आ गए, लेकिन नेताओं के लिए जाजमें बिछाने वाले, मंच सजाने वाले और आए दिन फूल-मालाओं की व्यवस्था में लगने वाले कार्यकर्ताओं को सिर्फ और सिर्फ मायूसी हाथ लगी है। जबकि राजनीतिक नियुक्तियोंं का सबसे ज्यादा इंतजार उन कार्यकर्ताओं को था जिनको अब तक सत्ता और संगठन में कभी भी कोई बड़ा और सम्मान जनक पद नहीं मिला।
एक उम्मीद अभी भी बाकी
मायूसी कार्यकर्ता अपने दूखी मन को यह कहते हुए तस्सली देते नजर आ रहे है कि प्रदेश में अभी तो कुछ राजनीतिक नियुक्तियां और होनी है। ऐसे में हो सकता है कि उसमें नंबर लगने से हमारे भी अच्छे दिन आ जाए।

