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चंपाबाग की जमीन और खुर्द बुर्द हुए निगम के 272 भूखंडों की एसओजी से हो जांच

कलेक्टर से मिले पूर्व विधायक और जनता सेना कार्यकर्ता

उदयपुर(एआर लाइव न्यूज)। सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय से जुड़ी चंपाबाग की जमीन की अवैध खरीद फरोख्त और यूआईटी से निगम को हस्तांतरित भूखंडों में से 272 भूखंडों के खूर्द बुर्द होने की जांच एसओजी से करवाने की मांग को लेकर जनता सेना नेता सोमवार को कलेक्टर ताराचंद मीणा से मिले।
वल्लभनगर के पूर्व विधायक एवं जनता सेना के संस्थापक रणधीर सिंह भींडर के नेतृत्व में कलेक्टर को सीएम अशोक गहलोत के नाम ज्ञापन सौंपा गया। मांग की गई कि दोनों ही मामले करोड़ों की जमीन से जुड़े हुए है। भींडर ने कहा कि हाईकोर्ट से स्टे के बावजूद चंपाबाग की जमीन की खरीद फरोख्त होना और वहां पक्के निर्माण होने से कई सवाल खड़े हो रहे है।

भू व्यवसाईयो को राजनीतिक संरक्षण

भींडर ने कहा कि इस खेल में शामिल स्थानीय भू व्यवसाईयो को राजनीतिक संरक्षण होने से भी इंनकार नहीं किया जा सकता। जो जमीन सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय के काम आनी थी उसी जमीन का कोर्ट से स्टे की आड़ में अवैध बैचान होकर वहां निर्माण भी हो गए। इसकी एसओजी से जांच होने से हकीकत सामने आएगी और विश्वविद्यालय की जमीन भी बच जाएगी।

निगम की मिलीभगत बिना फर्जी दस्तावेजों से भूखंडों का नामांतरण नहीं हो सकता

जनता सेना नेता मांगीलाल जोशी ने कलेक्टर से कहा कि यूआईटी से नगर निगम को हस्तांतरित 272 भूखंडों की भी अवैध खरीद फरोख्त होने का मामला भी सामने आया है। इसकी भी एसओजी से जांच होनी चाहिए। जोशी ने कहा कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर निगम के भूखंडोंं का नामांतरण हो जाना कई सवाल खड़े करता है। इसमें निगम के कई लोग शामिल हो सकते है उनकी मिली भगत बिना इतना बड़ा खेल संभव ही नहीं है। नगर निगम और बाहरी लोगों के संगठित गिरोह के षडय़ंत्र के तहत यह खेल हुआ है। नगर निगम के पूर्व नेता प्रतिपक्ष दिनेश श्रीमाली के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने संभागीय आयुक्त राजेंद्र भट्ट से भेंट कर खुर्द बुर्द हुए निगम के 272 भूखंडों के स्वामित्व की उच्च स्तरीय जांच की मांग की। दीनदयाल जागृति मंच के प्रेम ओवरवाल और कार्यकर्ताओं ने एडीएम सिटी अशोक कुमार से भेेंट कर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

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