उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। उदयपुर के मोहित सिंह शेखावत राजस्थान पुलिस विभाग में सब इंस्पेक्टर बन गए हैं, लेकिन यहां खासबात यह है कि ये सब इंस्पेक्टर कोई प्रतियोगी परीक्षा के जरिए नहीं, बल्कि उनकी राइफल शूटिंग में पाई महारथ के बदौलत बने हैं। मोहित ने राइफल शूटिंग में राष्ट्रीय स्तर पर कई मैडल और पुरस्कार जीते हैं और अब वे स्पोर्ट्स कोटे से देश के 200 खिलाड़ियों को पछाड़ कर सब इंस्पेक्टर भी बन गए हैं।
मोहित सिंह शेखावत ने बताया कि उनके पिता ओमवीर सिंह भी पुलिस विभाग में हैं और उदयपुर के सूरजपोल थाने में तैनात हैं। इसलिए पुलिस और वर्दी के प्रति सम्मान मेरे मन में हमेशा से ही था। निशानेबाजी में बचपन से ही रूझान था।
2018 में कॉलेज में प्रवेश लेने के साथ ही शूटिंग रेंज में प्रेक्टिस शुरू की
मोहित ने बताया कि उन्होंने 2018 में बीएन कॉलेज में प्रवेश लिया और बीएन की शूटिंग रेंज में राइफल शूटिंग की प्रेक्टिस शुरू की। कॉलेज में रहते हुए राज्य स्तरीय शूटिंग कॉम्पिटिशन के कई पुरस्कार जीते। इसके बाद खेलगांव की शूटिंग रेंज में प्रेक्टिस शुरू की और नेशनल की तैयारी करने लगे। खेलगांव में प्रेक्टिव करते हुए उन्होंने नेशनल शूटिंग कॉम्पिटिशन में हिस्सा लिया और मैडल भी जीते।
राष्ट्रीय स्तर की शूटिंग प्रतियोगिताओं में मैडल जीतने के बाद मोहित का मकसद भारतीय टीम के लिए खेलना था। इसके लिए एडवांस ट्रेनिंग लेने वे जयपुर गए और वहां प्रेक्टिस शुरू की। इंडियन टीम के ट्रायल से पहले ही 2020 में कोरोना लॉकडाउन हो गया और सभी टूर्नामेंट रद्द हो गए।
पुलिस विभाग खिलाड़ी को खूब मौके देता है
मोहित ने कहा कि कोरोना लॉकडाउन के बाद काफी दिक्कतें आयीं, तब पिता ओमवीर ने समझाया कि पुलिस विभाग में भर्ती होकर भी मैं मेरे भारतीय टीम का हिस्सा बनने और भारत के लिए खेलने का सपना पूरा कर सकता हूं। मोहित ने कहा इसके बाद उन्होंने कांस्टेबल और सब इंस्पेक्टर का फॉर्म भरा। सब इंस्पेक्टर भर्ती में स्पोर्ट्स कोटे से आवेदन करने पर सीधे ट्रायल होता है।
पिछले दिनों सब इंस्पेक्टर भर्ती का स्पोर्ट्स ट्रायल एग्जाम हुआ। स्पोर्ट्स कोटे से भर्ती होने के लिए देशभर से करीब 200 खिलाड़ियों ने आवेदन किया था। राइफल शूटिंग ट्रायल और राष्ट्रीय स्तर के जीते सर्टिफिकेट के आधार पर नंबर मिले और मैरिट बनीं। मैंने 100 में से 96 अंक हासिल किए और सब इंस्पेक्टर में मेरा चयन हो गया है।

