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आदिवासी युवतियों को न्याय दिलाने सांसद किरोड़ी मीणा का कलेक्ट्री में डेरा, पुलिस-प्रशासन में हड़कंप

rajya sabha MP kirodi lal meena meets collector udaipur and protest against women trafficking gang in tribal area -4rajya sabha MP kirodi lal meena meets collector udaipur and protest against women trafficking gang in tribal area -4

उचित आश्वासन मिलने पर रात 9 बजे खत्म किया धरना

आदिवासी युवतियों की खरीद फरोख्त और गैंग रेप के विरोध में आज दिन में 8 पीड़िताओं के साथ उदयपुर कलेक्ट्री पहुंचे थे किरोड़ी मीणा

उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। उदयपुर जिले की आदिवासी क्षेत्र की युवतियों की खरीद फरोख्त कर गुजरात ले जाकर जबरन शादी करने के मामलों में राज्य सभा सांसद डॉ. किरोड़ी मीणा सोमवार को उदयपुर कलेक्ट्री पहुंचे। आठ पीडि़ताओं को लेकर कलेक्ट्री पहुंचे मीणा ने कलेक्टर ताराचंद मीणा से मुलाकात कर इस मामले में पीड़िताओं को 5 लाख की आर्थिक सहायता, रहने के लिए घर और महिलाओं की खरीद-फरोख्त गैंग की सीबीआई जांच की मांग की। मीणा के कलेक्ट्री में डेरा डालने की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया।

मीणा ने कहा कि पुलिस द्वारा समय पर केस दर्ज नहीं करने से आदिवासी क्षेत्र की युवतियों को गुजरात ले जाकर बंधक बनाकर जबरन शादी करने के मामले बढ़ रहे हैं। कई युवतियोंं को वहां ले जाकर बेचा जा चुका है। यह खेल लंबे समय से चल रहा हैं। कई पीड़िताओं के बच्चे भी हैं। अब ये पीड़िताएं इन बच्चों को लेकर कहां जाएं।

प्रशासन में मचा हड़कंप, रात 8.45 कलेक्टर से बात कर बनी सहमति

किरोड़ी मीणा पूरी तैयारी के साथ कलेक्ट्री पहुंचे। कलेक्टर को साफ कह दिया कि जब तक सीबीआई जांच और उचित न्याय का उचित आश्वासन नहीं मिलेगा, मैं यहां से हिलने वाला नहीं हुं। देर शाम किरोड़ी कलेक्टर के चैंबर से बाहर आए और कलेक्ट्री में ही डेरा डाल दिया। उनके साथ आए आदिवासी महिला-पुरूष भी कलेक्ट्री के गार्डन में ही बिस्तर लगाकर डेरा डाल दिया।

मीणा के ये तेर देखकर प्रशासन में भी हड़कंप मच गया। रात 8.45 बजे कलेक्टर ने किरोड़ी मीणा से बात की और खरीद-फरोख्त की शिकार पीड़िताओं को आर्थिक सहायता देने का भरोसा दिया। इसके बाद रात 9 बजे किरोड़ी मीणा ने धरना समाप्त करने की घोषणा की। किरोड़ी ने बताया कि कलेक्टर ने इन पीड़िताओं को 5 लाख रूपए आर्थिक सहायता और घर देने का आश्वासन दिया है। जिन पीड़िताओं के मामलों में एफआईआर दर्ज हो गयी है, उन्हें आर्थिक सहायता और घर दिया जाएगा। कुछ पीड़िताएं अब एफआईआर दर्ज करवाएंगी।

किरोड़ी मीणा ने बताया कि उदयपुर जिले में ऐसे 351 केस मेरे ध्यान में आए हैं। संभाग स्तर पर ऐसे मामलों की पड़ताल कर इन पीड़िताओं को आर्थिक सहायता दिलवाने में मदद करेंगे, ताकि इनके बच्चों का बेहतर पालन-पोषण हो सके।

11 साल पहले भी मीणा ने 2 दिन तक कलेक्ट्री में डेरा डाला था

इससे पहले किरोड़ी मीणा कोटड़ा क्षेत्र में कुछ आदिवासीयों की भूख से मौत होने का मुद्दा लेकर जून 2010 में अचानक उदयपुर कलेक्ट्री में पहुंचे थे और यही पर दो दिन तक डेरा डाल दिया। तब किरोड़ी को यहां से हटाने के नाम पर पुलिस और प्रशासन के हाथ पांव फुल गए थे। उस समय पुलिस और किरोड़ी मीणा के बीच कई बार झड़प और हाथापाई की नौबत तक आ गई।

आखिरकार सरकार से संकेत मिलने पर किरोड़ी मीणा को उदयपुर प्रशासन ने तड़ीपार का आदेश सुना दिया। उनको भारी पुलिस बल की मौजूदगी में उदयपुर जिले से बाहर ले जाया गया। तब जाकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने राहत की सांस ली थी।

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