उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। फतहसागर में शनिवार शाम को श्री रामदेव वाटर स्पोर्टस की एक स्पीड बोट पलट गई। गनीमत यह रही कि इस स्पीड बोट में टूरिस्ट नहीं थे। अन्यथा जनहानी भी हो सकती थी। यूआईटी ने नाव संचालन को रूकवा दिया है और डीटीओ को सभी नावों की फिर से फिटनेस जांच करने के निदे्रश दिए हैं। श्री रामदेव वाटर स्पोर्टस कंपनी ठेकेदार ने 7 दिन पहले 1 जनवरी से ही फतहसागर में नाव संचालन शुरू किया था।
मुंबइया बाजार के सामने जोधपुर की ठेकेदार कंपनी श्री रामदेव वाटर स्पोर्टस के बोटिंग स्टेशन से शनिवार दोपहर बाद नाव चालक स्पीड बोट लेकर रवाना हुआ। यूआईटी ने हाल ही में इस ठेकेदार कंपनी को ठेका दिया था। स्पीड बोड नेहरू गार्डन से कुछ आगे पहुंची ही थी कि अचानक पलटी खा गई।
संयोग यह रहा कि इस बोट में कोई टूरिस्ट नहीं था
संयोग यह रहा कि इस बोट में कोई टूरिस्ट नहीं था अन्यथा बड़ी जनहानी हो सकती थीं। आनन फानन में नाव ठेकेेदार के कर्मचारी दूसरी स्पीड बोट लेकर घटनास्थल पर पहुंचे और स्पीड बोट चालक को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद हाइड्रोलिक क्रैन मंगवाकर रानी रोड किनारे इस स्पीड बोट को झील से बाहर निकाला गया।
अगले आदेश तक नहीं चलेगी नावें : हसीजा
इस मामले में यूआईटी सचिव अरूण हसीजा ने बताया कि स्पीड बोट के पैंदे में लीकेज होने से उसमें पानी भर रहा था। इसके कारण ठेकेदार कंपनी का कर्मचारी स्पीड बोट को झील में चलाकर वस्तुस्थिति देख रहा था। इसी दौरान स्पीड बोट पलट गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए अगले आदेश तक नाव संचालन को बंंद रखने के आदेश दे दिए हैं।
सभी नावों की फिर से फिटनेस जांच होगी
यूआईटी सचिव अरूण हसीजा ने बताया कि डीटीओ को भी पत्र लिखा हैं कि इस ठेकेदार की सभी नावों की फिर से फिटनेस जांच कर रिपोर्ट पेश करें। आज जो नाव पलटी हैं उसका फिटनेस प्रमाण पत्र निरस्त करने को भी कहा गया हैं। हसीजा ने बताया कि इस ठेकेदार की नावें सीएनजी से चल रही हैं ऐसे में उस दृष्टि से भी डीटीओ को बारिकी से जांच करने को कहा गया हैं।
2017 में स्पीड बोट पलटने से एक बच्ची की हो चुकी मौत
इसी फतहसागर में मोती मगरी के मेन गेट के सामने 2017 में एक स्पीड बोट की दूसरी बोट से टक्कर हो गई थी। तब बोट मेंं सवार जयपुर की एक परिवार की छोटी बच्ची चहक बोट से उछल कर पानी में गिर गई। गौताखोर की टीम ने खूब प्रयास किया, लेकिन चहक का पता नहीं लग पाया। देर रात चहक की लाश पानी पर तैरती मिली।

