उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। अप्रवासी राजस्थानी औद्योगिक घरानों और उद्यमियों के सहयोग से उदयपुर में निवेश के लिए 12 जनवरी को “इनवेस्ट उदयपुर” होगा। इसमें करीब 3 हजार करोड़ के होंगे एमओयू-एलओआई पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद हैं।
कलक्टर चेतन देवड़ा ने तैयारियोंं को लेकर बुधवार को अधिकारियों की बैठक ली। कलक्टर ने जिला उद्योग केन्द्र, रीको, खनन, पर्यटन, चिकित्सा, यूआईटी और नगर निगम सहित विभिन्न विभागों से इनवेस्टर समिट के दौरान होने वाले एमओयू और एलओआई की प्रगति की जानकारी ली। जिला उद्योग केन्द्र की महाप्रबंधक मंजू माली को एमओयू की मॉनिटरिंग के लिए स्क्रीनिंग कमेटी बनाने के निर्देश दिए। बैठक में एडीएम प्रशासन ओपी बुनकर, निगम आयुक्त हिम्मत सिंह बारहठ भी मौजूद थे।
मेडिकल टूरिज्म और पर्यटन में है अपार संभावना
बैठक में आरएनटी प्रिंसिपल डॉ लाखन पोसवाल और एमबी हॉस्पिटल अधीक्षक डॉ आरएल सुमन ने उदयपुर में विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने, इंटरनेशनल मेडिकल कांफ्रेंस के क्षेत्र में अपार संभावना जताई।
जिला उद्योग केन्द्र महाप्रबंधक मंजू माली ने बताया कि इनवेस्ट उदयपुर समिट के तहत 12 जनवरी को जिला उद्योग एवं वाणिज्य विभाग द्वारा लगभग 900 करोड़ के 21 एमओयू, 1 एलओआई लेटर ऑफ इंटेंट और 2 प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया जाएगा।
रीको के अधिकारियों ने बताया कि लगभग 650 करोड़ के 15 एमओयू, 4 एलओआई व 5 प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया जाएगा। यूआईटी द्वारा 1500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव तैयार होने की जानकारी दी गई। नगर निगम आयुक्त हिम्मत सिंह बारहठ और पर्यटन उपनिदेशक शिखा सक्सेना ने पर्यटन के क्षेत्र में पांच-छह निवेश प्रस्तावों से अवगत करवाया।
कलक्टर ने सभी विभागों के अधिकारियों को इसी सप्ताह प्रोजेक्ट फाइनल करने और जो प्रस्ताव पाइपलाइन में है, उनके साथ एलओआई साइन करने के निर्देश दिए। सिडबी, आरएफसी, नाबार्ड, जिला उद्योग केन्द्र और रीको के अधिकारियों ने ऋण योजनाओं, ब्याज सब्सिडी, मुख्यमंत्री उद्योग प्रोत्साहन सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।
निवेश के लिए हर कदम पर देंगे सहयोग : कलक्टर
कलेक्टर ने कहा कि उदयपुर जिले में औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएं हैं। इनवेस्टर समिट के माध्यम से जिले में निवेश को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार के निर्देशानुसार एमओयू से लेकर उत्पादन तक हर कदम पर सहयोग दिया जाएगा। विभागीय योजनाओं का लाभ भी प्राथमिकता के आधार पर दिया जाएगा। इनवेस्ट समिट में पांच करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव स्वीकार किए जाएंगे।

