नई दिल्ली,(एआर लाइव न्यूज)। किसानों आंदोलन के खत्म होने के साथ ही सिंघु-टिकरी बॉर्डर पर बैठे किसानों ने आज शनिवार से घर वापसी शुरू कर दी है। शनिवार को किसानों की फतेह मार्च हुई। जिसमें किसानों का जगह-जगह पूरे गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया।
शनिवार को फतेह मार्च की अगुआई सिख परंपरा के अनुसार श्री गुरु ग्रंथ साहिब के साथ पंज प्यारों ने की। फतेहमार्च में किसानों का बड़ा काफिला चला। इस दौरान किसान नेताओं ने कहा कि 26 नवंबर 2020 से इस आंदोलन की शुरूआत की थी। आखिरकार सरकार को झुकना पड़ा और किसानों की जीत हुई। सरकार ने तीनों कृषि कानून वापस ले लिए हैं। हर किसान अपना सिर ऊंचा करके पंजाब में प्रवेश करेगा, सम्मान से घर जाएगा। रास्ते में कई जगह किसानों के स्वागत की तैयारियां की गई हैं।
जगह-जगह लंगर लगाए गए हैं
किसानों के पंजाब लौटने के रास्ते में जगह-जगह रास्ते में स्वागत की तैयारियां की गयी हैं। किसानों के लिए लंगर लगाए गए हैं। किसान तीन चरणों में घर लौटेंगे।
गौरतलब है कि तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर 26 नवंबर 2020 को किसानों ने आंदोलन की शुरूआत की थी। इस संघर्ष में कई किसानों ने अपनी जान गंवाई। आखिरकार गत महीने सरकार ने तीनों कृषि कानून वापस लेने की घोषणा की और फिर लोकसभा में तीनों कृषि कानून वापस ले लिए गए। इसके बाद किसानों ने आंदोलन को समाप्त कर घर वापसी का निर्णय लिया और और आज 11 दिसंबर से किसानों ने घर वापसी शुरू कर दी।

