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साहित्यकार नीलमणि फूकन और दामोदर मौउजो को ज्ञानपीठ पुरस्कार

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नई दिल्ली,(एआर लाइव न्यूज)। ज्ञानपीठ पुरस्कार चयन समिति ने वर्ष 2021 और 2022 के लिए ज्ञानपीठ पुरस्कार की घोषणा की हैं। 2021 का पुरस्कार असमिया साहित्यकार नीलमणि फूकन और 2022 का पुरस्कार कोंकणी साहित्यकार दामोदर मौउजो को दिया गया हैं। भारतीय ज्ञानपीठ के निदेशक मधुसुदन आनंद ने बताया कि ख्यातमान कथाकार प्रतिभा राय की अध्यक्षता में बनी चयन समिति ने यह नाम तय किए हैं।

नीलमणि फूकन असमिया कविता में विशेष स्थान रख्ते हैं। उन्होंने कविता की 13 पुस्तकें भी लिखी हैं। इनमें सूर्य हेना नामि अहे एई नादियेदी, मानस-प्रतिमा और फुली ठका, सूर्यमुखी फुल्तोर फाले प्रमुख हैं। पदमश्री फूकन को साहित्य अकादमी पुरस्कार सहित असम वैली अवार्ड, साहित्य अकादमी फैलोशिप से भी सम्मानित किया जा चुका हैं। उनकी रचनाएं कई भारतीय और विदेशी भाषाओं में अनूदित हो चुकी हैं।

दामोदर मौउजो करीब पचास साल से लेखन क्षेत्र में कई रचनाएं लिख चुके हैं। उन्होंने कहानियां, उपान्यास, आलोचना और बाल साहित्य की रचना की हैं। उनकी कहानियों में प्रेम का प्रबल प्रवाह हैं, मौउजो की कहानिया स्त्री केंद्रित हैं और उनमें स्त्री का साहसी चरित्र उभरता हैं। उन्होंने अपनी रचनाओं में मानवीय संबंधों, सामाजिक बदलावों जातिवाद मुद्दों को प्रमुखता दी हैं। मौउजो को साहित्य आकादमी पुरस्कार, गोवा कला अकादमी, साहित्य पुरस्कार, कोंकणी भाषा मंडल साहित्य पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका हैं।

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