Site iconSite icon AR Live News

कांग्रेस की रैली: जिले से 10 हजार लोगों को ले जाने का टारगेट, शहर से सिर्फ दो बसें.!

congress rally in jaipur against inflation on 12 december 2021congress rally in jaipur against inflation on 12 december 2021

उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। महंगाई के विरोध में 12 दिसंबर को जयपुर में हो रही रैली को सफल बनाने कांग्रेस नेता दिन रात एक कर रहे हैं, लेकिन कोरोना काल में हो रही रैली के लिए भीड़ जुटाने में लगे नीचले स्तर के नेताओं और कार्यकर्ताओं को सर्दी के सीजन में भी खूब पसीना बहाना पड़ रहा हैं।

राजस्थान प्रभारी अजय माकन और सीएम अशोक गहलोत ने प्रभारी मंत्रियों को जिले से दस-दस हजार लोगों को लाने का लक्ष्य दिया है। उदयपुर के प्रभारी के रूप में राजस्व मंत्री रामलाल जाट भी सोमवार और मंगलवार उदयपुर प्रवास पर रहे। लगातार कार्यकर्ताओं की बैठकें लेकर उनको रैली को सफल बनाने को कहा जा रहा है।

इतनी भीड़ लाएं कहां से.?

निचले स्तर पर तैयारी में लगे नेताओं, कार्यकर्ताओं के सामने उलझन की स्थिति बनी हुई है, कि इतनी भीड़ लाएं कहां से। रैली के लिए उदयपुर शहर से जाने वाले कार्यकर्ताओं की संख्या का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उदयपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने मात्र दो बसों की व्यवस्था की है। हालां कि जो लोग अपने वाहन से जाएंगे उनको 10 दिसंबर तक कांग्रेस कमेटी में गाड़ी नंबर और साथ में जाने वाले कार्यकर्ताओंं के नाम बताने को कहा गया है।

नेताओं के सामने दो बड़ी उलझन

जिले में कांग्रेस के 2 ही विधायक और कोई भी पदाधिकारी पद पर नहीं : उदयपुर जिले में आठ में से दो विधायक ही कांग्रेस के हैं। उनमें भी एक विधायक हाल ही में हुए मंत्रिमंडल पुनर्गठन के बाद से नाराज चल रहे हैं। ऐसे में रैली का लक्ष्य कैसे पूरा हो पाएगा, कांग्रेस कार्यकर्ताओं में ही अंदर ही अंदर चर्चा बनी हुई हैं। इसके अलावा मौजूदा समय में कांग्रेस में जिला और ब्लॉक स्तर पर कोई भी व्यक्ति पद पर नहीं हैं। जिला और ब्लॉक स्तर की कमेटियां भंग होने से आज की तारीख में सभी पदाधिकारी निवर्तमान हैं। इस कारण भी भीड़ जुटाने में पसीना बहाना पड़ रहा हैं।

कोरोना काल : यह रैली कोरोना काल में हो रही हैं और कोरोना के नए वेरियंट ओमिक्रान के मामले भी जयपुर में ही सामने आए हैं। इस कारण नेता लोग कार्यकर्ताओं को रैली में चलने तैयार करने पसीना बहा रहे हैं, लेकिन कई कार्यकर्ताओं को उनके परिवार वाले यह कह कर रैली में जाने से टोक रहे हैं कि जयपुर में तो ओमिक्रॉन के मामले आ चुके हैं, अभी वहां जाना ठीक नहीं हैं। ऐसे में कार्यकर्ताओं के सामने उलझन बनी हुई कि वो नेताओं की बात माने या फिर घर वालों की।

Exit mobile version