फरवरी में इसका पीक आने की आशंका है
कानपुर,(एआर लाइव न्यूज)। दुनिया के 30 देशों में फैल रहा कोरोना का नया वैरिएंट ऑमिक्रॉन के कारण भारत में अगले साल जनवरी-2022 में ही तीसरी लहर आ सकती है। यह आशंका आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर मणीन्द्र अग्रवाल ने ऑमिक्रॉन के डेटा एनालिसिस से तैयार रिपोर्ट के आधार पर जताई है। प्रोफेसर मणीन्द्र ने शनिवार को अपने ट्विटर हैंडल पर इस डेटा एनालिसिस रिपोर्ट के मुख्य बिंदू साझा किए।
इस रिपोर्ट के अनुसार ऑमिक्रॉन वैरिएंट के कारण कोरोना की तीसरी लहर देश में जनवरी में आ सकती है और फरवरी में इसका पीक आने की आशंका है। इससे देश में हर दिन 1 लाख से 1.50 लाख केस आ सकते हैं। प्रोफेसर अग्रवाल की यह रिपोर्ट इसलिए भी अहम मानी जा रही है, क्यों कि इससे पूर्व कोरोना की पहली और दूसरी लहर को लेकर आयी उनकी पूर्वानुमान रिपोर्ट काफी हद तक सही साबित हुई थी।
प्रोफेसर मणीन्द्र अग्रवाल ने ट्विटर हैंडल पर एक ग्राफ भी बताया है, जिसमें वे तीसरी लहर की आशंका को ग्राफ के जरिए स्पष्ट कर रहे हैं। उनके अनुसार उन्होंने ओमिक्रॉन वैरिएंट के साउथ अफ्रीका से मिले आंकड़ों की स्टडी की है और उसके आधार पर यह डेटा एनालिसिसि रिपोर्ट तैयार की है।

