जयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। तमाम राजनीतिक अटकलों पर विराम लगाते हुए आखिरकार रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की धार्मिक यात्रा का कार्यक्रम तय कर लिया गया है। उनकी इस देव-दर्शन यात्रा का आगाज 23 नवंबर को मेवाड़ के सांवरिया सेठ के दरबार में दर्शन से होगा और 26 नवंबर को राजे की इस यात्रा का समापन होगा। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकीं हैं, कि वसुंधरा राजे के विरोधी गुट के नेता इस यात्रा में उनके साथ दिखाई देते हैं या नहीं।
अगले विधानसभा चुनाव 2023 से पहले वसुंधरा राजे की इस यात्रा से राजनीतिक हलकों के साथ ही भाजपा नेताओं में भी अंदर ही अंदर हलचल तेज हो गयी है। वसुंधरा राजे पिछले लंबे समय से प्रदेश में संगठनात्मक गतिविधियों से दूरी बनाकर नजर आ रही थीं। लेकिन अब अचानक धार्मिक यात्रा के नाम उनका यूं सक्रिय होना कहीं न कहीं यह संकेत देता है कि आने वाले विधानसभा चुनाव राजस्थान में वसुंधरा राजे के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा।
2018 चुनाव के बाद मेवाड़ में राजे का सबसे लंबा कार्यक्रम
23 नवंबर को हेलिकॉप्टर से सुबह 11.15 बजे चित्तौड़गढ़ जिले में सांवरिया सेठ मंदिर पहुंचकर पूजा अर्जना करेंगी। इसके बाद वे शाम को 5.30 बजे बांसवाड़ा में त्रिपुरा सुंदरी के दर्शन करेंगी।
24 नवंबर को वे राजसमंद जिले में दोपहर 12.50 बजे चारभुजा नाथ के दर्शन करने जाएंगी। इसके बाद दोपहर 2 बजे राजसमंद में ही द्वारकाधीश दर्शन कर, वसुंधरा राजे 3.10 बजे मेवाड़ के आराध्यदेव एकलिंगनाथ के दर्शन करने उदयपुर के कैलाशपुरी आएंगी। उनका रात्री विश्राम नाथद्वारा में होगा।
25 नवंबर को वे नाथद्वारा में श्रीनाथ जी के दर्शन कर चित्तौड़गढ़ के बेगूं जाएंगी और वहां आचार्य महाश्रमण जी से आशीर्वाद लेंगी। रात्री विश्राम उनका भीलवाड़ा होगा।
26 नवंबर को वे सलेमाबाद अजमेर पहुंचकर श्री निम्बार्क पीठ में पूजा अर्चना करेंगी, इसके बाद दोपहर 12.25 बजे ब्रह्मा जी मंदिर में दर्शन करने जाएंगी। शाम 4.40 बजे वे अजमेर से अपनी यात्रा का समापन कर जयपुर रवाना होंगी।
इस धार्मिक यात्रा के दौरान वसुंधरा राजे इन जिलों में पिछले दिनों दिवंगत हुए विधायकों के घर सांत्वना व्यक्त करने भी जाएंगी।

