उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज़)। उदयपुर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने बुधवार को एनएचएआई के संविदा कर्मी प्रभुलाल को 5000 रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। प्रभुलाल एनएचएआई में संविदा कर्मी है और झाड़ोल तहसील कार्यालय में पोस्टेड है। आरोपी परिवादी से यह राशि उसकी सरकार द्वारा अवाप्त किये गए भूखंड के मुआवजा देने की एवज में ले रहा था।
एडि.एसपी उमेश ओझा ने बताया कि परिवादी फलासिया निवासी मोहनलाल डूंगरी ने एसीबी कार्यालय में झाड़ोल तहसील कार्यालय में पोस्टेड प्रभुलाल पुत्र परसराम के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत की थी। शिकायत में बताया कि राजस्थान-गुजरात हाईवे बॉर्डर पर एक भूखंड उसके, उसकी मां और भाई के नाम पर है। सरकार ने हाईवे के लिए इस भूखंड को अवाप्त किया था। इस भूखंड की एवज में सरकार से मुआवजा मिलना था।
मुआवजा राशि से भी मांग ली 10 हजार रूपए रिश्वत
परिवादी ने बताया कि उसकी मां और भाई को मुआवजा मिल गया था, लेकिन उसे मुआवजा नही मिला था। इस पर वह झाड़ोल तहसील कार्यालय गया और वहां एनएचएआई के कर्मचारी प्रभुलाल से मिला। प्रभुलाल ने परिवादी को कहा कि तुम्हारी मां और भाई को जो मुआवजा राशि का भुगतान किया है, पहले उसका 5000 रूपए दो, इसके बाद तुम्हारी खाते की अवाप्त हुए भूखंड की मुआवजा राशि का भुगतान होगा। जब तक 5000 रूपए नहीं दोगे, तब तक तुम्हारा भुगतान नहीं होगा और तुम्हारे भुगतान राशि से भी 10 हजार रूपए रिश्वत चाहिए है।
एसीबी ने सत्यापन किया तो रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई। इस पर आज बुधवार को एसीबी टीम झाड़ोल पहुंची। संविदाकर्मी प्रभुलाल ने परिवादी को रूपए लेकर कार्यालय ही बुला लिया। जैसे ही प्रभुलाल ने परिवादी से रिश्वत के 5000 रूपए लिए एसीबी टीम ने उसे रंगे हाथों धरदबोचा।
एसीबी टीम : यह ट्रेप कार्यवाही एसीबी इंस्पेक्टर हरिश्चन्द्र सिंह के नेतृत्व में हेडकांस्टेबल रमेश चन्द, मुनीर मोहम्मद, करण सिंह, कांस्टेबल टीकाराम, दलपत सिंह, अशोक कुमार और कनिष्ठ लिपिक लक्ष्मण सिंह की टीम ने की है।

