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उप चुनाव में करारी हार से भाजपा को याद आने लगे अनुभवी नेता.!

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प्रदेश प्रभारी ने मेघवाल,सर्राफ के बाद तिवाड़ी से की मुलाकात

जयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। वल्लभनगर और धरियावद उप चुनाव में भाजपा प्रत्याशियों की करारी हार से सबक लेकर पार्टी ने अब पुराने नेताओं, कार्यकर्ताओं से संपर्क साधने की रणनीति शुरू कर दी हैं।

पार्टी के प्रदेश प्रभारी अरूणसिंह जयपुर दौरे के दूसरे दिन शनिवार सुबह पूर्व मंत्री घनश्याम तिवाड़ी से मिलने उनके घर पहुंचे। करीब आधा घंटे हुई चर्चा को शिष्टाचार मुलाकात बताया जा रहा हैं, लेकिन इस मुलाकात को कहीं न कहीं उप चुनाव के परिणाम के असर के रूप में देखा जा रहा हैं। इस मुलाकात के दौरान संगठन के काम और प्रदेश की मौजूदा राजनीति को लेकर भी चर्चा हुई हैं। इससे पहले प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह ने शुक्रवार रात को पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल और वरिष्ठ विधायक कालीचरण सराफ से भी मुलाकात की थी।

ये तीनों नेता भाजपा में अपना एक वजूद और दबदबा रखते हैं। घनश्याम तिवाड़ी पिछले विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा से अलग हो गए थे। कुछ समय बाद उन्होंने दीनदयाल वाहिनी नाम से नया संगठन बनाया। उसमें वे सफल नहीं रहे और बाद में वो कांग्रेस में शामिल हो गए थे। हालांकि कुछ समय बाद तिवाड़ी की भाजपा में वापसी हो गई।

उप चुनाव की करारी हार से सोचने को मजबूर हो गई भाजपा

माना जा रहा हैं कि विधानसभा उप चुनाव में वल्लभनगर में भाजपा प्रत्याशी की जमानत जब्त होने और धरियावद मेंं भाजपा प्रत्याशी के तीसरे नंबर पर रहने से पार्टी को बड़ा झटका लगा हैं। यह झटका उस समय लगा हैं, जब अगले विधानसभा चुनाव होने में ज्यादा समय नहीं बचा हैं।

उससे भी बड़ी बात यह है, कि राजस्थान में अशोक गहलोत और सचिन पायलट गुट के बीच लंबे समय से खींचतान का दौर चलने के बावजूद उप चुनाव में कांग्रेस ने न केवल दोनों सीट ली, बल्कि भाजपा को चारों खाते चित भी कर दिया। ऐसे में अब 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा समय रहते पूराने नेताओं से संपर्क साधने में जुट गई हैं।

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