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वल्लभनगर उप चुनाव : प्रवासियों ने बिगाड़ी नेताओं की गणित

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देवेन्द्र शर्मा, उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। वल्लभनगर उप चुनाव में 2018 के चुनाव के मुकाबले वोटिंग कम होने से नेताओ की अनुमानित गणित बिड़ती नजर आ रहीं है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण प्रवासी वोट बैंक का उप चुनाव से दूर रहने को माना जा सकता हैं।

वल्लभनगर विधानसभा क्षेत्र के लोग बड़ी संख्या में अहमदाबाद, सूरत, मुम्बई, हैदराबाद, कोलकत्ता, मनाली, दिल्ली, बेंगलुरु, कर्नाटक सहित देश के कई राज्यों में निजी व्यवसाय या नौकरी से जुड़े हुए है। कई लोग विदेशों में भी कार्यरत हैं। ज्यादातर लोग कुक(रसोइया), टाइल्स फिटिंग, कपड़ा, होटल-रेस्टोरेंट व्यवसाय के साथ ही टूर एंड ट्रावेल के व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। उप चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को उम्मीद थी कि हर बार की तरह इस बार भी प्रवासी वोट बैंक उप चुनाव में जोश दिखायेगा और ये लोग वोट देने जरूर अपने गांव आएंगे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। इन लोगो के नहीं आने के कारण भी वोटिंग कम हुई।

प्रवासियों ने वोट नहीं काम-धंधे को दी अहमियत

कोरोना काल और कई दिनों के लॉक डाउन के बाद इस साल दीपावली का सीजन अच्छा रहने की हर किसी को उम्मीद है। ऐसे में वल्लभनगर के प्रवासियों ने भी दीपावली सीजन को देखते उप चुनाव की बजाय अपने व्यवसाय या काम को अहमियत दी और ये लोग वोट डालने आये ही नहीं। जो लोग दुकानों पर काम करते है उनको भी सीजन के चलते छुट्टी नहीं मिल पायी। इस कारण इस वर्ग का वोटर भी उप चुनाव से दूर हो गया।

2018 के मुकाबले 3.86 प्रतिशत कम मतदान हुआ

शनिवार को हुए उप चुनाव में नेताओं और कार्यकर्ताओं की तमाम कोशिशों के बावजूद मतदान प्रतिशत 71.85 तक ही पहुँच पाया जबकि 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में इस वल्लभनगर में 75.71 प्रतिशत मतदान हुआ था। करीब 4 प्रतिशत मतदान कम होने से प्रत्याशियों का अनुमानित वोट का गणित भी गड़बड़ाता नजर आ रहा है।

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