Site iconSite icon AR Live News

भर्तियों को लेकर मुख्यमंत्री गहलोत के दो बड़े फैसले…

cm ashok gehlot decision for recruitmentcm ashok gehlot decision for recruitment

जयपुर,(ARLive news)। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में भर्तियों को लेकर मंगलवार को दो महत्वपूर्ण निर्णय किए हैं। उन्होंने भर्तियों में शैक्षणिक योग्यता तथा शैक्षणिक योग्यता की समकक्षता के संबंध में होने वाले विवादों के समाधान के लिए समिति का गठन किया है और विभागों में रिक्त एवं नवसृजित पदों पर नियमित रूप से भर्तियां करने के लिए कार्मिक विभाग की सहमति की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने भर्तियों में शैक्षणिक योग्यता संबंधी विवादों को दूर करने के लिए विभागों में विभागाध्यक्ष की अध्यक्षता में शैक्षिक अर्हता एवं शैक्षिक समकक्षता समिति के गठन तथा नियमित भर्तियों के संबंध में अलग-अलग परिपत्र जारी किए हैं।

परिपत्र के अनुसार समिति में विभागीय अधिकारियों के साथ ही मनोनीत विषय विशेषज्ञों को भी शामिल किया जाएगा। यह समिति विभिन्न पदों की शैक्षिक अर्हता एवं शैक्षणिक समकक्षता के नियमों को अद्यतन करने के साथ ही उनका स्पष्ट निर्धारण करेगी, जिससे कि ऐसे विवादों को दूर कर भर्ती प्रक्रिया को समयबद्ध रूप से सम्पन्न किया जा सके।

समिति के गठन की इसलिए पड़ी जरूरत

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार में अलग-अलग पदों पर नियुक्ति के लिए बने सेवा नियमों में पद के अनुरूप आवश्यक शैक्षणिक योग्यता का प्रावधान है। वर्तमान में विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थाओं द्वारा लगातार नए पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जा रहे हैं, जो इन पदों की शैक्षिक अर्हता से संबंधित डिग्री, डिप्लोमा अथवा पाठ्यक्रम के समान ‘अथवा समकक्ष‘ होते हैं।

इन सभी कोर्सेज को पद विशेष की शैक्षणिक योग्यता में शामिल कर पाना व्यवहारिक रूप से संभव नहीं हो पाता। ऐसी स्थिति में पदों की शैक्षणिक योग्यता को अद्यतन करने तथा भर्तियों में शैक्षणिक योग्यता की समकक्षता के संबंध में होने वाले किसी भी विवाद के समाधान के लिए यह समिति एक संस्थागत व्यवस्था के रूप में कार्य कर सकेगी।

कार्मिक विभाग की सहमति की आवश्यकता नहीं

विभागों में रिक्त एवं नवसृजित पदों पर नियमित भर्तियां करने के लिए कार्मिक विभाग की सहमति आवश्यक नहीं होगी। इस संबंध में मुख्य सचिव ने परिपत्र भी जारी कर दिया है। भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ करने एवं रिक्त पदों को भरने के लिए सभी प्रशासनिक विभागों द्वारा सीधी भर्ती के पदांं के संबंध में रिक्तियों की गणना 15 अप्रेल तक कर ली जाएगी।

कार्मिक विभाग हर वर्ष 15 मई से पहले उन सभी विभागों, जिनमें सीधी भर्ती की जानी है के संस्थापन कार्य से जुड़े अधिकारियों एवं कार्मिकों के लिए कार्यशाला आयोजित करेगा। इसमें कार्मिकों को भर्तियों से संबंधित सेवा नियमों, प्रक्रिया तथा आरक्षण से संबंधित नवीन प्रावधानों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

Exit mobile version