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ऑनलाइन ठगी के इन नए तरीकों से सतर्क रहें : उदयपुर पुलिस ने ऑनलाइन ठगी के 4 लाख 17 हजार रूपए रिकवर किए

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उदयपुर,(ARLive news)। साइबर ठगों ने जनता को ठगने के लिए कई प्रकार के तरीके अपनाए हुए हैं। उदयपुर के कई लोग इन साइबर ठगों का शिकार बन चुके हैं, उदयपुर की सवीना थाना पुलिस ने ऑनलाइन ठगी के 4 लाख 17 हजार 847 रूपए रिकवर कर पीड़ितों को दिलवाए हैं। ताजुब्ब की बात है कि साइबर ठगी का हर केस और उसमें ठगों द्वारा अपनाया गया तरीका अलग है। ऐसे में ऑनलाइन पेमेंट का उपयोग करने वाले लोगों के लिए साइबर ठगों और उनके ऐसे तरीकों के प्रति अलर्ट ने की जरूरत है।

थानाधिकारी रविन्द्र चारण ने बताया कि माह में सवीना थाने पर गूगल-पे के माध्यम से, फोन रिचार्ज करवाने तथा लुभावने प्रलोभन देकर ऑनलाईन ठगी की रिपोर्ट काफी संख्या में प्राप्त हुई थीं। शिकायत मिलने पर पुलिस टीम ने सम्बन्धित कम्पनियों/बैंकों से तत्काल पत्राचार कर तथा व्यक्तिशः सम्पर्क कर ठगों के खाते फ्रीज करवाये और इसके बाद आवश्यक कार्यवाही करते हुए पीडित व्यक्तियों के पैसे रिकवर करवाये हैं। इस कार्रवाई में हेडकांस्टेबल सुनील विश्नोई, कांस्टेबल राजकुमार जाखड, लालूराम का मुख्य योगदान रहा है।

ऐसे साइबर ठगों के झांसे में आए लोग

गूगल सर्च इंजन पर मिला गलत नंबर

केस-1 : भंवर लाल निवासी सविना ने अपने क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने के लिए गूगल सर्च इंजन से क्रेडिट कार्ड कस्टमर केयर के नंबर सर्च किए और फोन किया। लेकिन वो नंबर कस्टमर केयर के नंबर नहीं होकर फ्रॉड करने वाले व्यक्ति के नंबर थे। कस्टमर केयर के नंबर समझ कर भंवर लाल ने साइबर ठग को कार्ड नंबर और ओटीपी बता दिया और उनके खाते से 1,48,000 रूपये साइबर ठग ने निकाल लिए। इसमें से पुलिस ने 1,44,000 रूपए रिकवर करवा दिए हैं।

केस-2 : प्रदीप कुमार सिंह निवासी सेक्टर 14 ने अपनी पूर्व में बुक की गई हवाई यात्रा टिकट के कैंसल कराने के बाद भी रिफंड होने वाली राशि नहीं आने से गूगल से एयरलाइंस के नंबर सर्च कर फोन किया। लेकिन यह नंबर एयरलाइंस के न होकर साइबर ठग के थे। साइबर ठग ने एयरलाइंस को बनकर प्रदीप कुमार से खाते की डिटेल पूछी और इसके बाद खाते से 80,000 निकाल लिए। पुलिस ने पूरे 80000 रूपए रिकवर करवा दिए हैं।

केस-3: दीपक गांधी ने अपना क्रेडिट कार्ड काम नहीं आने के कारण क्रेडिट कार्ड बंद कराने के लिए गूगल सर्च ऑप्शन में एसबीआई क्रेडिट कार्ड हेल्पलाइन नंबर सर्च किया। गूगल सर्च इंजन पर जो नंबर प्राप्त हुआ, उस पर कॉल किया। लेकिन यह नंबर एसबीआई हेल्पलाइन के बजाए साइबर ठग का था। दीपक ने साइबर ठग को हेल्पलाइन प्रतिनिधि समझ कर अपने क्रेडिट कार्ड नंबर और ओटीपी बताए दिए। इससे इनके खाते से राशि निकल गई। दीपक की राशि 25,560 रूपये रुपए हुए हैं।

बैंक की एप जैसी दूसरी एप खुली और हो गई ठगी

केस4 : उत्तम कुमार निवासी वीआईपी कॉलोनी के पास एसबीआई बैंक के योनो ऐप के बंद होने को लेकर मेसेज आया। उन्होंने जैसे ही मैसेज में दिए लिंक पर क्लिक किया उनके मोबाइल पर एसबीआई योनो जैसा कोई दूसरा ऐप खुला। लेकिन उत्तर कुमार ने इसे योनो एप समझा और इसमें खाते की डिटेल डाल दी, जिससे इनके खाते से रूपए निकल गए। पुलिस ने 10,400 रूपये की राशि वापस रिकवर कराई है।

केस-5 : रणवीर सिंह की सेक्टर 11 में लुब्रिकेंट की शॉप है। फेसबुक पर शॉप का ऐड होने से संबंधित कॉल आया। कॉल करने वाले ने बताया कि वह आर्मी कैंप सेक्टर-11 से बोल रहा हूं। आप आर्मी कैंप के गेट पर ऑयल की 2 पेटी भिजवा दीजिए और पेमेंट ऑनलाइन करने के लिए कहा। रणवीर सिंह ने पेमेंट प्राप्त करने के लिए उस व्यक्ति को क्यूआर कोड की फोटो भेजी, तो उस उस व्यक्ति ने इनके खाते से 99,847 रूपए निकाल लिए। पुलिस ने यह पूरी राशि रिकवर की है।

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