डरा-धमका कर 73 लाख रूपए वसूलने का आरोप, एमएल चौहान बोले मुझे एफआईआर की कोई जानकारी नहीं..।
उदयपुर,(ARLive news)। उदयपुर के अमेरिकन इंटरनेशनल हैल्थ मैनेजमेंट की डायरेक्टर डॉ. सुरभि पोरवाल ने राज्य सरकार के सीनियर आरएएस एमएल चौहान पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रतापनगर थाने में एफआईआर दर्ज करवाई है।
सुरभि पोरवाल ने आरोप लगाया है कि एमएल चौहान ने उनके परिवार के नाम से रजिस्टर्ड कंपनी के जरिए बेड़वास स्थित जीबीएच हॉस्पिटल में लैब एंड पैथॉलॉजी सर्विसेज के कार्य का एमओयू किया था। लेकिन बाद में कंपनी ने अचानक हॉस्पिटल में सेवाएं देना बंद कर दिया। इसी से संबंधित विवाद को लेकर आरोप है कि एमएल चौहान परिवादिया को डरा-धमका रहे हैं और अनावश्यक रूप से 73 लाख रूपए ले चुके हैं।
एफआईआर में परिवादी सुरभि पोरवाल ने आरोप लगाया है कि 2 अगस्त को एमएल चौहान, नीरज चौहान, राजेश चौहान, प्रकाश चन्द्र खटीक सहित अन्य 5 से 6 लोगों के साथ उनके बेड़वास स्थित जीबीएच हॉस्पिटल पहुंचे। वहां हॉस्पिटल स्टाफ के साथ गालीगलौज कर बदसलूकी की और परिवादिया को फोन कर धमकाया, एमएल चौहान हॉस्पिटल से कुछ दस्तावेज और सामान भी ले गए। परिवादिया ने आरोप लगाया कि एमएल चौहान उसे बार-बार फोन कर धमका रहे हैं और अनावश्यक रूप से रूपए देने का दबाव डाल रहे हैं।
परिवादी का आरोप : चौहान ने अनावश्यक रूपए वसूलने ग्रुप चैयरमेन के खिलाफ दर्ज करवाई झूठी एफआईआर
परिवादिया ने बताया कि 31 जुलाई को भी आरोपी पक्ष अमेरिकन इंटरनेशनल हैल्थ मैनेजमेंट ग्रुप के चैयरमेन कीर्ति अग्रवाल पर झूठे आरोप लगाकर एफआईआर दर्ज करवा चुका हैं और अनावश्यक रूप से रूपए देने का दबाव बना कर अब तक 73 लाख रूपए ले चुके हैं।
परिवादिया ने एफआईआर में बताया कि एमएल चौहान ने परिवार के नाम से बसंती मांगीलाल ज्योति नीरज आरूशी हेल्थ कैयर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी रजिस्टर्ड की हुई है। इनकी कंपनी अमेरिकन हॉस्पिटल में लैब एंव पैथॉलॉजी सर्विसेज देते हैं। जिसका इनके बीच एमओयू भी हुआ है। लेकिन एमएल चौहान की कंपनी ने एमओयू को भंग करते हुए हॉस्पिटल से रूपए एंठने के लिए अचानक 16 जुलाई को हॉस्पिटल में काम करना बंद कर दिया। इससे हॉस्पिटल की छवि खराब हुई।
एमओयू खत्म होने पर एमएल चौहान और नीरज चौहान कंपनी द्वारा दी गयी सर्विसेज के हिसाब से 23 लाख रूपए ज्यादा ले चुके हैं। यह राशि नहीं लौटानी पड़े इसलिए इन्होंने 31 जुलाई को ग्रुप चैयरमेन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा 50 लाख रूपए और वसूल किए।
इस मामले में सीनियर आरएएस एमएल चौहान ने बताया कि उनके खिलाफ कोई एफआईआर हुई है, उन्हें अभी तक इसकी जानकारी नहीं है।

