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करनाल लघु सचिवालय के बाहर हजारों किसान अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे

karnal farmers protest at mini secretariatkarnal farmers protest at mini secretariat

हरियाणा,(ARLive news)। बसताड़ा टोल पर किसानों पर हुए लाठीचार्ज और एक किसान की मौत के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हजारों किसान आज बुधवार को करनाल जिले के लघु सचिवालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। किसान मंगलवार की पूरी रात भी बैठे रहे। बुधवार सुबह नारेबाजी के साथ किसानों ने धरनास्थल पर टेंट गाड़ लिए हैं।

इधर जिला प्रशासन ने सचिवालय तक जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी है। लघु सचिवालय के गेट पर पैरामिलिट्री फोर्स और पुलिस के जवान तैनात हैं। इन्हें किसानों को किसी भी कीमत पर अंदर न जाने देने के आदेश दिए गए हैं।

किसानों ने भी सचिवालय में आवाजाही रोकी हुई है। उनका कहना है कि वे न तो किसी को अंदर जाने देंगे और न ही कोई काम होने देंगे। हालां कि शहर के अन्य क्षेत्रों में आवाजाही सुचारू रूप से चल रही है। लघु सचिवालय में संभागीय आयुक्त, एसपी ऑफिस सहित 14 से अधिक सरकारी कार्यालय हैं, जहां हजारों की संख्या में आमजन का आना-जाना रहता है।

करनाल में अभी भी इंटरनेट बंद

इधर प्रदेश सरकार ने करनाल में इंटरनेट बंदी को जारी रखा हुआ है। हालां कि अन्य जिलों में इंटरनेट सेवा को बहाल कर दिया गया है। 7 सितंबर के किसान आंदोलन को देखते हुए करनाल के साथ-साथ कैथल, कुरुक्षेत्र, पानीपत व जींद जिले की इंटरनेट सेवा पर पाबंदी लगा दी गई थी।

यह है मामला

बसताड़ा टोल प्लाजा पर 28 अगस्त को पुलिस ने किसानों पर लाठीचार्ज किया था, इसमें घायल हुए करनाल के रायपुर जाटान गांव के किसान सुशील काजल की मौत हो गई थी। इसके विरोध में किसानों ने 7 सितंबर को करनाल अनाज मंडी में महापंचायत की। 30 अगस्त को भाकियू ने घरौंडा अनाज मंडी में महापंचायत करके हरियाणा सरकार से तीन मांगें रखी थीं। साथ ही महापंचायत और लघु सचिवालय का घेराव करने की घोषणा की थी।

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