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भ्रष्ट-तंत्र : रेवेन्यू बोर्ड अजमेर रिश्वत मामले में उदयपुर के दो प्रोपर्टी व्यवसायी गिरफ्तार

ACB arrests two property businessman of udaipur in corruption in revenue board ajmerACB arrests two property businessman of udaipur in corruption in revenue board ajmer

जयपुर,(ARLive news)। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो जयपुर इंटेलीजेंस यूनिट की टीम ने गुरूवार को रेवेन्यू बोर्ड अजमेर रिश्वत मामले में अनुसंधान कर उदयपुर के दो प्रोपर्टी व्यवसायी सवीना निवासी कालूलाल जैन और महावीर कॉलोनी निवासी हितेश जैन को गिरफ्तार किया है। एसीबी टीम इनमें मामले में पूछताछ कर रही है।

इन पर दलाल वकील शशिकांत जोशी के माध्यम से राजस्व मंडल सदस्य सुनील शर्मा से अपने हितबद्ध प्रकरणों में मनमाफिक निर्णय कराने के लिए रिश्वत देने और बदले में राजस्व प्रकरणों में निर्णय सुनाने के पूर्व ही निर्णय का प्रूफ प्राप्त कर देखने व मनमाफिक संशोधन कराने उपरान्त ही सदस्य से निर्णय करवाने का आरोप है।

प्रकरण के निर्णय से पहले रिश्वत देने वाले के पास पहुंच जाता था प्रूफ

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक भगवान लाल सोनी ने बताया कि राजस्व मंडल अजमेर में प्रकरणों में निर्णय के बदले रिश्वती राशि के लेनदेन की शिकायत मिली थी। इस पर तकनीकी माध्यमों से निगरानी की गयी। तकनीकी निगरानी से खुलासा हुआ कि प्रकरणों के निर्णय के बदले रिश्वती राशि का लेन-देन हो रहा है। इस पर एसीबी टीम ने 9 अप्रेल 2021 को राजस्व मंडल सदस्य आरएएस अधिकारी सुनील कुमार शर्मा, भंवरलाल मेहरड़ा और एक दलाल वकील शशिकांत जोशी को गिरफ्तार किया था। एसीबी टीम ने इन तीनों के खिलाफ मामला दर्ज कर अनुसंधान पूरा कर कोर्ट में आरोप पत्र पेश किया।

इसी प्रकरण में अनुसंधान करते हुए एसीबी ने आज गुरूवार को प्रोपर्टी व्यवसायी उदयपुर के सवीना निवासी कालूलाल जैन और महावीर कॉलोनी निवासी हितेश जैन को गिरफ्तार किया है।
आरोप है कि इन दोनों प्रोपर्टी व्यवसायियों द्वारा दलाल वकील शशिकांत जोशी के माध्यम से राजस्व मंडल सदस्य सुनील शर्मा से अपने हितबद्ध प्रकरणों में मनमाफिक निर्णय कराने हेतु रिश्वती राशि देना और बदले में राजस्व प्रकरणों में निर्णय सुनाने के पूर्व ही निर्णय का प्रूफ प्राप्त कर देखने व मनमाफिक संशोधन कराने उपरान्त ही सदस्य से निर्णय करवाना सामने आया है।

एडीजी दिनेश एमएन के निर्देशन में एसीबी एडिएसपी चन्द्रप्रकाश शर्मा और उनकी टीम मामले का अनुसंधान कर रही है।

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