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पूर्व गृहमंत्री गुलाब सिंह शक्तावत के घर में ही गृह-युद्ध : बड़े बेटे देवेंद्र सिंह का एलान- प्रीति को टिकट मिला तो पार्टी छोड़ निर्दलीय चुनाव लड़ुंगा

devendra singh shaktawat said if priti shaktawat get ticket on vallabhnagar seat than he will leave the congress party and fight independentdevendra singh shaktawat said if priti shaktawat get ticket on vallabhnagar seat than he will leave the congress party and fight independent

छोटे भाई दिवंगत विधायक गजेंद्र सिंह और उनकी पत्नी प्रीति पर लगाये कई मार्मिक आरोप

उदयपुर,(ARLive news)। राजस्थान सहित उदयपुर जिले की हॉट सीट वल्लभनगर विधानसभा में इस बार नया राजनीतिक घमासान देखने को मिलेगा। गत वर्षों में यहां भाजपा से अलग हुए जनता सेना संस्थापक रणधीर सिंह भींडर के चलते त्रिकोणीय मुकाबला होता था, वहीं आगामी उपचुनाव में यहां और ज्यादा रोचक मुकाबला होने की संभावना प्रबल हो गयी है। पूर्व गृहमंत्री गुलाब सिंह शक्तावत के घर में ही टिकट को लेकर गृह-युद्ध छिड़ा हुआ है। ऐसे में हॉट सीट वल्लभनगर विधानसभा उपचुनाव में राजनीति के कई रंग देखने को मिलेंगे।

सोमवार को राज्य में पूर्व गृहमंत्री रहे गुलाब सिंह शक्तावत के बड़े बेटे देवेन्द्र सिंह ने अपने ही दिवंगत छोटे भाई पूर्व विधायक गजेन्द्र सिंह शक्तावत और उनकी पत्नी प्रीति शक्तावत के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रेस वार्ता में देवेन्द्र सिंह शक्तावत ने यह एलान तक कर दिया है कि अगर कांग्रेस पार्टी ने गजेन्द्र की पत्नी प्रीति को टिकट दिया तो वे पार्टी छोड़ निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे। यह घोषणा करने के साथ ही देवेन्द्र सिंह ने अपने ही छोटे दिवंगत भाई गजेन्द्र सिंह और उनकी पत्नी पर कई मार्मिक और संगीन आरोप तक लगा दिए।

गौरतलब है कि इसी साल जनवरी में वल्लभनगर से कांग्रेस विधायक गजेन्द्र सिंह शक्तावत का निधन हो गया था। इसके बाद इस सीट पर उपचुनाव होने है। पिछले कई दिनों ने गजेन्द्र सिंह की पत्नी प्रीति वल्लभनगर क्षेत्र में काफी सक्रिय हैं। इसी को देखकर प्रीति को उपचुनाव को कांग्रेस से टिकट मिलना तय माना जा रहा है। इसी समीकरण के कारण देवेन्द्र सिंह ने चुनावी घोषणा से पहले ही विरोध का बिगुल बजा दिया है।

पंचायतीराज चुनाव में पैसे लेकर दी गयीं टिकट

देवेन्द्र सिंह ने आरोप लगाया कि पंचायतीराज चुनाव में निष्ठावान कार्यकर्ताओं से लेन-देन कर पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों के टिकट बांटे गये जिससे पदाधिकारियों में काफी रोष है। विधायक रहते हुए गजेन्द्र सिंह द्वारा कार्यकर्ताओं की नियमित जनसुनवाई नहीं की गई एवं अधिकारियों के स्थानान्तरण भी लेन-देन से किए जाने से कार्यकर्ताओं में आक्रोश उत्पन्न हुआ।

वल्लभनगर क्षेत्र के करीब 150 उचित मूल्य की दुकानदारों से मंथली वसूली की जाती थी जिससे आमजनए गरीबए मजदूर वर्ग को राशन सामग्री पाने में बहुत दिक्कतें हुईं।

गजेन्द्र सिंह के जीतने के बाद क्षेत्र में पार्टी का ग्राफ बहुत गिरा

देवेन्द्र सिंह शक्तावत ने मुख्मंत्री को भेजे पत्र और प्रेसवार्ता में कहा कि पिता गुलाब सिंह शक्तावत के देहावसान के बाद पार्टी ने शक्तावत परिवार पर भरोसा जताते हुए उनके अनुज गजेंद्र सिंह शक्तावत को 2008 में कांग्रेस का उम्मीदवार बनाया। तब कांग्रेस के समस्त निष्ठावान कार्यकर्ताओं ने कड़ी मेहनत कर इस सीट पर कांग्रेस का परचम लहराया। लेकिन उसके बाद वल्लभनगर विधानसभा सीट पर कांग्रेस पार्टी का ग्राफ निरन्तर गिरता गया। वर्ष 2013 का विधानसभा चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा व 2018 के चुनाव में जीत को गए, लेकिन वल्लभनगर विधानसभा में 30 प्रतिशत मत पाने में ही सफल हो पाए।

पंचायतीराज चुनाव 2020 में कांग्रेस पार्टी को 6 जिला परिषद सदस्य में से 5 पर करारी हार का सामना करना पड़ा। शहरी निकाय चुनाव में भीडर नगरपालिका टिकट वितरण में धांधली करने से पार्टी बुरी तरह से हार गई।

सुनिए देवेन्द्र सिंह शक्तावत का विरोध का बिगुल

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