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मेवाड़ का मान : दो सपूत मेजर यशोवर्धन और मेजर भरत सिंह वीरता पुरस्कार से सम्मानित : आतंकियों को ढेर कर दिया वीरता का परिचय

major yashovardhan and major bharat singh jhala honours with sena medal Gallantry awardmajor yashovardhan and major bharat singh jhala honours with sena medal Gallantry award

उदयपुर,(ARLive news)। मेवाड़ के दो सपूत मेजर यशोवर्धन भाटी और मेजर भरत सिंह झाला को इस 15 अगस्त पर भारतीय सेना के प्रतिष्ठित सेना मैडल वीरता पुरस्कार से नवाजा गया है। इन दोनों ही सपूतों ने अपनी जान की परवाह किए बगैर आतंकवादी संगठन के आतंकियों की गोलीबारी का सामान किया और पूरी बहादुरी के साथ लड़ आतंकियों को ढेर कर दिया था।

मेजर यशोवर्धन भाटी उदयपुर के रामगिरी, बड़गांव के रहने वाले हैं, वहीं मेजर भरत सिंह झाला उदयपुर के झालों का गुड़ा, कैलाशपुरी के रहने वाले हैं। आतंकवादियों के सामने शौर्यता का परिचय देकर इन दोनों सपूतों ने देश ही नहीं मेवाड़ और उदयपुर का मान बढ़ाया है।

जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों को किया ढेर

मेजर यशोवर्धन भाटी ने 2010 में iइंडियन आर्मी जॉइन की थी। दिसंबर 2020 में वे जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में 29 राष्ट्रीय राइफल में पोस्टेड थे। तब इन्हें दो आतंकवादियों के क्षेत्र में छुपे होने की सूचना मिली।

ये अपनी टीम के साथ पहुंचे तो आतंकवादियों ने इन पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं और भागने का प्रयास किया। मेजर यशोवर्धन ने टीम के साथ आतंकवादियों की घेराबंदी की और जवाबी कार्यवाही कर दोनों आतंकवादियों को ढेर कर दिया। इससे पूर्व भी वे एक आतंकवादी को पकड़कर बारामूला पुलिस के सुपुर्द कर चुके हैं। यशोवर्धन के पिता सुभाष सिंह भाटी भी सेना में रह चुके हैं। रामगिरी बड़गांव के रहने वाले है, वहीं इनका पैतृक गांव चित्तौड़गढ़ के राशमी में ऊँचा गांव है।

लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों को मार गिराया

मेजर भरत सिंह झाला 2008 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। गत वर्ष वे जम्मू कश्मीर के शोपियां जिले में 34 राष्ट्रीय राइफल में तैनात थे। अक्टूबर 2020 को उन्हें जिले के एक गांव में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों के छुपे होने की सूचना मिली।

40 जवानों की टुकड़ी के साथ मेजर भरत सिंह ने क्षेत्र को पूरी तरह घेर लिया। आतंकवादी एक घर के पीछे झाड़ियों में छुपे हुए थे। मेजर भरत ने आतंकवादियों को सरेंडर करने के लिए अनाउंसमेंट भी किया, लेकिन आतंकवादियों ने उन पर गोलीबारी शुरू कर दी। एक गोली भरत सिंह के काफी करीब से गुजरी। जवाबी कार्यवाही में भरत सिंह और उनकी टुकड़ी ने गोलियां चलाईं और आतंकवादियों को मार गिराया। मेजर भरत सिंह झाला के पिता रघुनाथ सिंह राजस्थान पुलिस में सब इंस्पेक्टर रह चुके हैं।

आज मेवाड़ राजघराने के लक्ष्यराज सिंह ने भरत सिंह झाला से मुलाकात कर उनको बधाई दी।
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