उदयपुर,(ARLive news)। उदयपुर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने शुक्रवार को मीठानीम, माल की टूस स्थित महारानी गर्ल्स बीएड कॉलेज के कार्यालय प्रशासक योगेश वत्स को 5000 रूपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। कार्यालय प्रशासक योगेश वत्स कॉलेज की ही बीएड छात्रा से प्रेक्टिकल में मार्क्स देने और हाजिरी भरने के नाम पर मांग रहा था। कार्यालय प्रशासक योगेश परिवादी से 10 हजार रूपए पूर्व में भी प्राप्त कर चुका था। एसीबी ने बताया कि मामले में कॉलेज प्रिंसीपल राजेश मंत्री की संलिप्तता की जांच भी की जाएगी।
एसीबी एडिएसपी उमेश ओझा ने बताया कि माल की टूस स्थित महारानी गर्ल्स बीएड कॉलेज के कार्यालय प्रशासक योगेश वत्स पुत्र शिवानंद शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। परिवादी सुखराम वसुनिया ने एसीबी कार्यालय में शिकायत दी थी। जिसमें बताया था कि उसकी छोटी बहन महारानी बीएड कॉलेज से सत्र 2020-2021 दो वर्षीय बीएड कोर्स कर रही है।
लॉकडाउन के कारण सरकार ने प्रमोट कर दिया, आरोपी प्रेक्टिकल-हाजिरी के लिए मांग रहा था रिश्वत
कोरोना लॉकडाउन के चलते सरकार के निर्देशानुसार उसे प्रथम वर्ष से प्रमोट कर दिया था। इस वर्ष राज्य सरकार ने प्रेक्टिकल और हाजिरी भी स्वैच्छिक की थी, इसके बावजूद बीएड कॉलेज के कार्यालय प्रशासक योगेश वत्स ने प्रेक्टिकल और हाजिरी के लिए 20 हजार रूपए की रिश्वत मांगी है। एसीबी ने शिकायत का सत्यापन किया, इस दौरान योगेश वत्स ने 10 हजार रूपए रिश्वत के परिवादी से ले लिए। इसके बावजूद योगेश वत्स परिवादी से लगातार अतिरिक्त 5 हजार रूपए रिश्वत की मांग कर रहा था।
आज शुक्रवार को एसीबी टीम कॉलेज के आस-पास पहुंच गयी। जैसे ही कॉलेज कार्यालय प्रशासक योगेश वत्स ने परिवादी से 5 हजार रूपए रिश्वत राशि ली, एसीबी टीम ने उसे धर दबोचा।
कार्यवाही करने वाली एसीबी टीम : यह कार्यवाही एसीबी इंस्पेक्टर सोनू शेखावत के नेतृत्व में हेड कांस्टेबल रमेश चन्द, मुनीर मोहम्मद, करण सिंह, कांस्टेबल टीकाराम, मांगीलाल, अशोक और लक्ष्मण सिंह की टीम ने की।

