पैंथर के पगमार्क से मूवमेंट पता करने जगह-जगह बिछाया मिट्टी और सफेद पाउडर का लेप
उदयपुर,(ARLive news)। जावरमाइंस के सिंगटवाड़ा ग्राम पंचायत में दो महिलाओं को मौत के घाट उतार चुका आदमखोर पैंथर आठ दिन बाद भी पकड़ में नहीं आ सका है। इस पैंथर को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीमें जावरमांइस के जंगलों का चप्पा-चप्पा घूम चुके हैं, जयपुर से डाॅक्टर अरविंद माथुर ट्रेंकुलाइज टीम सहित उदयपुर आ चुके।
मौके पर 5 ट्रेंकुलाइज टीम, 20 कैमरा ट्रैप और 8 पिंजरे और 2 ड्रोन कैमरे लगे हुए हैं, फिर भी शातिर पैंथर को पकड़ने में सफलता नहीं मिली है। मिली है तो सिर्फ उसकी एक फोटो। इधर इस पूरे मामले की माॅनीटरिंग के लिए नेशनल टाइगर कंजरवेशन अथाॅरिटी (NTCA) ने सेवानिवृत मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) राहुल भटनागर को कमेटी सदस्य नियुक्त किया है।
डीएफओ मुकेश सैनी ने बताया कि वन कर्मियों की टीमें वन क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में लगातार पेट्रोलिंग कर पैंथर की तलाश कर रही हैं। क्षेत्र में 20 कैमरा ट्रैप और 2 ड्रोन से भी नजर रखी जा रही है। कैमरा ट्रैप में अब तक दो बार पैंथर देखा गया है। वन विभाग के विशेषज्ञों की टीमें कैमरा ट्रैप से मिली फोटो के जरिए पैंथर का मूवमेंट पता कर उसे पकड़ने के प्रयास में लगी हुई हैं। डाॅक्टर अरविंद माथुर ने बताया कि मौके का निरीक्षण किया है। ट्रेंकुलाइज टीमें मौके पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। पैंथर को पकड़ने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
टोलियां बनाकर घूम रहे ग्रामीण
पैंथर के पकड़ने नहीं जाने से ग्रामीणों में भी दहशत है। ग्रामीण बार-बार यही मांग कर हैं कि इस आदमखोर पैंथर को पकड़कर इस क्षेत्र से ले जाओ, या फिर मार दो। पैंथर से बचने के लिए ग्रामीण भी टोलियां बनाकर घूम रहे हैं।
हरियाली बढ़ने से बढ़ी मुश्किल
बारिश के बाद वनक्षेत्र में हरियाली बढ़ गयी है। ऐसे में पैंथर की तलाश में लगी टीमों की मुश्किलें बढ़ गयी हैं। इतनी हरियाली में पैंथर को ट्रैप कर पाना काफी मुश्किल हो गया है। वाटर पाॅन्ड सहित कुछ जगहों के पास मिट्टी और सफेद पाउडर का लेप भी बिछाया है, ताकि पगमार्क से पैंथर का मूवमेंट पता चल सके और यह भी सुनिश्चित किया जा सके कि टीम उसी पैंथर के पीछे हैं, जिसने महिलाओं के शिकार किए हैं।

