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प्रधानमंत्री मोदी ने जम्मू-कश्मीर पर 8 दलों के 14 नेताओं के साथ की सर्वदलीय बैठक: विधानसभा चुनाव जल्द कराए जाने पर बात की

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उदयपुर,(ARLive news)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 24 जून को जम्मू-कश्मीर पर 8 दलों के 14 नेताओं के साथ सर्वदलीय बैठक की। करीब 3 घंटे तक चली इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने जम्मू-कश्मीर में परिसीमन के बाद जल्द विधानसभा चुनाव कराए जाने पर नेताओं से चर्चा की और कहा कि वे इस प्रक्रिया में शामिल हों। प्रधानमंत्री ने तक बैठक की। प्रधानमंत्री आवास पर चली इस बैठक में मोदी ने संदेश दिया कि जम्मू.कश्मीर से दिल्ली और दिल की दूरी कम होगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक में नेताओं से कहा कि सभी में राजनीतिक मतभेद होंगे, लेकिन सभी को राष्ट्रहित में काम करना चाहिए ताकि जम्मू-कश्मीर के लोगों को फायदा हो। उन्होंने जोर देकर कहा कि जम्मू-कश्मीर में सभी के लिए सुरक्षा और सुरक्षा का माहौल सुनिश्चित करने की जरूरत है।

बैठक में जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती समेत गुपकार अलायंस के बड़े नेता भी मौजूद थे। इनके अलावा गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद भी बैठक में शामिल हुए।

यूनियन टेरेटरी का दर्जा कश्मीरी पसंद नहीं करते

नेता महबूबा मुफ्ती ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा चीन के साथ आप बात कर रहे हैं। आपने पाकिस्तान से बातचीत की और इससे सीजफायर कम हुआ, इसका हम स्वागत करते हैं। पाकिस्तान से फिर बातचीत करनी चाहिए ताकि जो ट्रेड उनके साथ रुका है, वो बहाल हो। यूएपीए की सख्ती बंद हो, जेलों में बंद कैदियों को रिहा किया जाना चाहिए। रोज कानून जारी कर देते हैं, जमीनों, रोजगार सुरक्षित होने चाहिए। जो भी हमारा 2019 के बाद नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई के लिए पैकेज दिया जाना चाहिए। जम्मू-कश्मीर के लोग तंग आ गए हैं कि जोर से सांस भी लें तो उन्हें जेल में डाला जाता है। मैंने (महबूबा मुफ्ती) कहा कि अगर अनुच्छेद 370 हटाना था तो विधानसभा को बुलाया जाना चाहिए था। हमें इसे संवैधानिक तरीके से री-स्टोर करना चाहते हैं।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा कि हम आर्टिकल-370 पर अपनी लड़ाई अदालत में लड़ेंगे। हमने प्रधानमंत्री से भी कहा कि जम्मू.कश्मीर और केंद्र के बीच विश्वास को दोबारा कायम करना आपकी जिम्मेदारी है। इसके लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए। जम्मू-कश्मीर को यूनियन टेरेटरी का दर्जा दिया गया है। कश्मीरी इसे पसंद नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाए।

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